फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Mumbai Hostage Case: Eyewitnesses told what happened in RA Studio in Mumbai?

Mumbai: 'एक करोड़ दिलवाओ, तब बच्चों को छोड़ूंगा', एयरगन भी दिखाई, चश्मदीद ने बताया स्टूडियो में क्या-क्या हुआ?

Fri, 31 Oct 2025 06:06 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शिव शुक्ला Updated Fri, 31 Oct 2025 06:06 PM IST
सार

मुंबई के पवई में एक थिएटर स्टूडियो में सत्रह बच्चों को रोहित आर्य ने बंधक बना लिया था। इसके बाद कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर मुंबई पुलिस के अधिकारी अमोल वाघमारे ने गोली मारकर ढेर किया। अब इस पूरे वाकये को लेकर ऑडिशन के लिए कोल्हापुर से आई बुजुर्ग महिला मंगल पाटणकर और उनकी पोती ने जानकारी दी है। 
 

विज्ञापन
Mumbai Hostage Case: Eyewitnesses told what happened in RA Studio in Mumbai?
आरए स्टूडियो में बच्चों को बंधक बनाने वाला आरोपी रोहित आर्य - फोटो : एजेंसी।

विस्तार

 पवई के आरए स्टूडियो में गुरुवार को हुई घटना के बाद चश्मदीदों के बयान सामने आए हैं। मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग महिला और एक बच्ची ने इस घटना के बारे में बताया। 

विज्ञापन

कोल्हापुर से बुजुर्ग महिला मंगल पाटणकर पोती के साथ ऑडिशन के लिए आई थीं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में पूरा वाकया बताया। उन्होंने कहा, ''स्कूल की तरफ से हमें भेजा गया था तो हमने इस बात पर विश्वास किया। आरए स्टूडियो में हम दो दिन से आ रहे थे। रोहित आर्य अच्छे से बात करता था। बच्चों और उनके अभिभावकों के खाने-पीने का ध्यान रखता था। हर दिन हम हॉल में बैठते थे। गुरुवार को रोहित ने सभी को अलग कमरे में बैठाया। माता-पिता को अलग कर दिया और शटर का लॉक कर दिया।'' 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने कहा, ''मैं बच्चों के साथ थी। उसने बच्चों को एयरगन दिखाई और कहा कि जल्दी फोन करो। उसने फोन पर अभिभावकों से कहा कि मेरे दो करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। उसने एक करोड़ रुपये मांगे और कहा कि पैसे दिलवाओ, तब बच्चों को छोड़ दूंगा। यह सुनकर माता-पिता घबरा गए। तब मैंने एक पर्दा हटाकर देखा तो पाया कि सारे अभिभावक बहुत घबराए हुए थे और रो रहे थे। फिर मैंने अपनी बेटी को अलग से फोन कर पूछा कि आखिर हुआ क्या है। बेटी ने बताया कि रोहित ने बच्चों को किडनैप कर लिया है। तब मैंने बेटी से कहा कि घबराओ मत, बच्चे सुरक्षित हैं। इस बीच, रोहित आर्य ने मुझे बहकाने की कोशिश की कि तुम तो मेरी मां जैसी हो, तुम मेरा साथ दोगी न? मैंने उससे कहा कि क्या चाहिए, यह बताओ, लेकिन बच्चों को छोड़ दो क्योंकि बच्चे घबराए हुए हैं। एक घंटे बाद पुलिस ने एक दरवाजा तोड़ा और सभी रेंगकर बाहर आ गए।'' 

विज्ञापन

ऑडिशन के लिए आई बच्ची ने बताया, ''हमारा सिलेक्शन हुआ था। पांच दिन ट्रायल शूट होना था। बच्चों को तीन ग्रुप में बांटा गया था। एक ग्रुप को बुधवार को ही लौटने को कह दिया गया था। दो ग्रुप मौजूद थे। गुरुवार को जहां ऑडिशन था, वहां हम माता-पिता से अलग बैठे हुए थे। तभी अचानक दरवाजा बंद कर दिया गया। जब हमने पूछा तो रोहित ने बताया कि सीन चल रहा है, आप लोग शांत रहें। बाद में हमें अभिभावकों के रोने की आवाज आई। रोहित आर्य के पास एक गन थी। सभी बच्चे घबरा गए थे। फिर पुलिस आई तो जवानों ने कांच का एक दरवाजा तोड़ा और वे हमें बचाने के लिए अंदर आए।''
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed