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मुंबई: अस्पताल में मरीजों की रिपोर्ट में खाने का सामान दिए जाने का मामला गरमाया; सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

Sun, 07 Jul 2024 11:18 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: काव्या मिश्रा Updated Sun, 07 Jul 2024 11:18 AM IST
सार

यह मामला मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल (केईएम) अस्पताल बताया जा रहा है। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 

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Mumbai Hospital Using Paper Plates Made Of Patient Report, Dean Clarifies news in hindi
मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल का मामला - फोटो : एक्स/@KishoriPednekar

विस्तार

महाराष्ट्र से एक और बड़ी चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक मरीज की बीमारियों से संबंधित रिपोर्ट डॉक्टर के लिए काफी महत्वपूर्ण होती है। मगर मुंबई से जो मामला सामने आया है वह बेहद चौंकाने वाला है। यहां एक अस्पताल में इस तरह लापरवाही की गई कि मरीजों की मेडिकल रिपोर्ट को पेपर प्लेटें यानि खाने की प्लेट बना दी गईं। इसमें लोगों को खाना परोसकर दिया जा रहा है।

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यह है मामला
दरअसल, यह मामला मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल (केईएम) अस्पताल बताया जा रहा है। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि अस्पताल के मरीजों की रिपोर्ट को खाने की प्लेट बना दिया गया है। इतना ही नहीं इन प्लेट पर मरीजों तक के नाम लिखे हैं। वहीं ऊपर अस्पताल का नाम भी है। मामले पर जब हंगामा मचा तो अस्पताल प्रशासन ने छह कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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पूर्व मेयर ने प्रशासन पर साधा निशाना
मुंबई की पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने सोशल मीडिया पर उजागर करते हुए अस्पताल प्रशासन और नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसकी तस्वीर भी पोस्ट की। उन्होंने एक्स पर कहा, 'ये क्या हो रहा है? जागो प्रशासन...जिन्होंने यह किया है उनपर कार्रवाई होनी चाहिए।'
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सोशल मीडिया यूजर ने की तारीफ
हालांकि, सोशल मीडिया पर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं थीं। एक यूजर का कहना है कि दस्तावेजों के बेकार होने के बाद उनको फिर से इस्तेमाल में लाना एक अच्छी पहल है। 

अस्पताल की डीन ने दी सफाई
वहीं, इस पूरे मामले पर केईएम अस्पताल की डीन डॉ. संगीता रावत का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा, 'ये प्लेटें मरीज की रिपोर्ट से नहीं बनाई गई थीं। ये सीटी स्कैन के पुराने फोल्डर हैं। इन्हें स्क्रैप डीलरों को दोबारा इस्तेमाल के लिए दिया गया था। हां, हमारी गलती यह है कि हमने इन स्क्रैप पेपर को देने से पहले इन्हें नष्ट नहीं किया था। यह लापरवाही कैसे हुई इसके लिए अस्पताल की तरफ से छह कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।'
 

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