फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Mumbai court orders departmental inquiry against UP jail official for releasing 3 in MCOCA case

Maharashtra: तीन आरोपियों को रिहा करने पर यूपी के अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश; जानें पूरा मामला

Tue, 20 Jun 2023 10:41 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 20 Jun 2023 10:41 PM IST
सार

 Mumbai: विशेष न्यायाधीश बीडी शेल्के ने सोमवार को पारित आदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश के बांदा स्थित केंद्रीय जेल के अधीक्षक को समय-समय पर निर्देश दिया गया कि वह आरोपियों को मुंबई की विशेष अदालत के समक्ष प्रत्यक्ष रूप से या वीडियो-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश करें।

विज्ञापन
Mumbai court orders departmental inquiry against UP jail official for releasing 3 in MCOCA case
court Order - फोटो : Social Media

विस्तार

मुंबई की एक विशेष कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के जेल महानिरीक्षक को जेल अधीक्षक के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। मामला महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनयम (मकोका) के तहत दर्ज एक मामले में तीन कैदियों को रिहा करने से जुड़ा है। 
विज्ञापन

विशेष न्यायाधीश बीडी शेल्के ने सोमवार को पारित आदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश के बांदा स्थित केंद्रीय जेल के अधीक्षक को समय-समय पर निर्देश दिया गया कि वह आरोपियों को मुंबई की विशेष अदालत के समक्ष प्रत्यक्ष रूप से या वीडियो-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश करें।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

28 जनवरी को कर दिया था रिहा
आदेश में कहा गया कि 12 जून को अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाए। जेल अधीक्षक ने सोमवार को शेख को विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया और अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें अन्य तीन आरोपियों के बारे में कुछ नहीं कहा गया। इस साल 28 जनवरी को अधीक्षक द्वारा विशेष अदालत को भेजे गए एक संदेश में कहा गया था कि कुरैशी, सालुंखे और शाह को 2022 में जेल से रिहा कर दिया गया था।

विज्ञापन

कोर्ट ने जताई नाराजगी
विशेष न्यायाधीश ने कहा कि जब उन्हें पता था कि इन आरोपियों के खिलाफ मकोका के तहत दर्ज मामला इस अदालत के समक्ष लंबित है, तो उन्होंने  तीनों आरोपियों को इस अदालत में पेश करने या उनकी हिरासत इस अदालत को सौंपने के बजाय जेल से रिहा कर दिया। यह जेल अधीक्षक की ओर से एक गंभीर कदाचार है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed