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Nawab Malik Bail: पूर्व मंत्री नवाब मलिक को राहत नहीं, जमानत पर फैसला 30 नवंबर तक टला
Thu, 24 Nov 2022 12:57 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 24 Nov 2022 12:57 PM IST
सार
मुंबई के विशेष न्यायाधीश आरएन रोकड़े ने मलिक की अर्जी पर 14 नवंबर को फैसला सुरक्षित रखा था। इससे पूर्व उन्होंने सरकारी पक्ष व मलिक की ओर से दलीलों को विस्तार से सुना था। राकांपा नेता मलिक को प्रवर्तन निदेशालय ने इसी साल फरवरी में गिरफ्तार किया था।
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नवाब मलिक (फाइल फोटो)
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री नवाब मलिक की जमानत अर्जी पर मुंबई की एक विशेष अदालत ने आज फैसला 30 नवंबर तक टाल दिया। यह मामला भगोड़े अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम की संपत्ति खरीदने से जुड़ा है।
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मुंबई के विशेष न्यायाधीश आरएन रोकड़े ने मलिक की अर्जी पर 14 नवंबर को फैसला सुरक्षित रखा था। फैसला आज आने की संभावना थी। अदालत ने इसे अब 30 नवंबर तक स्थगित कर दिया। इससे पूर्व कोर्ट ने सरकारी पक्ष व मलिक की ओर से दलीलों को विस्तार से सुना था। राकांपा नेता मलिक को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसी साल फरवरी में गिरफ्तार किया था।
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Order on NCP leader and former minister Nawab Malik in PMLA case, deferred till November 30 pic.twitter.com/fn0iw51ryl
— ANI (@ANI) November 24, 2022
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अस्पताल में इलाज करा रहे मलिक
मलिक न्यायिक हिरासत में हैं और वह अभी मुंबई के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। मलिक ने नियमित जमानत के लिए जुलाई में विशेष न्यायालय के समक्ष अर्जी दायर की थी। राकांपा नेता ने यह कहते हुए जमानत मांगी है कि मनी लॉड्रिंग का उन पर कोई संज्ञेय अपराध नहीं है।
उधर, ईडी ने दाऊद इब्राहिम और उसके गुर्गों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा दर्ज मामले के आधार पर अपराध मानते हुए जमानत का विरोध किया। ईडी ने दावा किया है कि आरोपी नवाब मलिक इब्राहिम और उसकी बहन हसीना पारकर के साथ काम कर रहा था और मामले में उसके निर्दोष होने का कोई सवाल ही नहीं है।