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Mumbai: महाराष्ट्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी, पड़ेगा 240 करोड़ का बोझ
Tue, 10 Jan 2023 11:49 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Tue, 10 Jan 2023 11:49 PM IST
सार
वेतन में संशोधन का वित्तीय लाभ कर्मचारियों को उस महीने से लागू होगा जिसमें आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
विस्तार
महाराष्ट्र कैबिनेट ने मंगलवार को राज्य सरकार के कर्मचारियों के वेतन में संशोधन पर के पी बख्शी समिति की वेतन पुनर्गठन रिपोर्ट को स्वीकार करने का फैसला किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इस कदम से सरकारी खजाने पर 240 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।
अधिकारी ने कहा कि यह वित्तीय लाभ कर्मचारियों को उस महीने से लागू होगा जिसमें आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा। राज्य के वित्त विभाग ने इस संबंध में एक कैबिनेट नोट पेश किया, जिस पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई बैठक में चर्चा की गई। बख्शी समिति ने छठे वेतन आयोग और सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट की संयुक्त रूप से समीक्षा की और रिपोर्ट में अंतर को दूर किया।
मंत्रिमंडल ने 22,264 वर्गमीटर भूमि सौंपने को भी मंजूरी
मंत्रिमंडल ने हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड को मुंबई के गोरेगांव में आधुनिक खाद्य उद्यमों की 22,264 वर्गमीटर भूमि सौंपने को भी मंजूरी दी है। अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्षों ने पहले ही एक समझौता कर लिया है और अब इसे राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।
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सरकार की योजनाओं का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भी दिया जाएगा
मंत्रिमंडल ने सामाजिक न्याय विभाग (एसजेडी) द्वारा तर्पण फाउंडेशन और राजस्व विभाग के साथ एक त्रिपक्षीय समझौते में प्रवेश करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है ताकि राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अलग-अलग लोगों के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भी दिया जा सके। अधिकारी ने बताया कि फाउंडेशन एसजेडी के तहत विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के संभावित लाभार्थियों का सर्वेक्षण करेगा और इसे अगले दो वर्षों में दोनों विभागों के समक्ष प्रस्तुत करेगा। गौरतलब है कि भाजपा एमएलसी श्रीकांत भारतीय तर्पण फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक हैं। श्रीकांत ने तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (2014 से 2019 तक) के ओएसडी के रूप में काम किया था।
सजा को जुर्माने में बदलने की दी मंजूरी
अधिकारी ने कहा कि मंत्रिपरिषद ने महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम 1959 में कारावास की सजा को जुर्माने में बदलने को भी मंजूरी दी, जिसके अनुसार सड़कों पर मवेशियों को लाने पर कारावास के पुराने प्रावधानों के बजाय मालिकों को जुर्माना देना होगा।
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अधिकारी ने कहा कि यह वित्तीय लाभ कर्मचारियों को उस महीने से लागू होगा जिसमें आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा। राज्य के वित्त विभाग ने इस संबंध में एक कैबिनेट नोट पेश किया, जिस पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता में हुई बैठक में चर्चा की गई। बख्शी समिति ने छठे वेतन आयोग और सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट की संयुक्त रूप से समीक्षा की और रिपोर्ट में अंतर को दूर किया।
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मंत्रिमंडल ने 22,264 वर्गमीटर भूमि सौंपने को भी मंजूरी
मंत्रिमंडल ने हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड को मुंबई के गोरेगांव में आधुनिक खाद्य उद्यमों की 22,264 वर्गमीटर भूमि सौंपने को भी मंजूरी दी है। अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्षों ने पहले ही एक समझौता कर लिया है और अब इसे राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।
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सरकार की योजनाओं का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भी दिया जाएगा
मंत्रिमंडल ने सामाजिक न्याय विभाग (एसजेडी) द्वारा तर्पण फाउंडेशन और राजस्व विभाग के साथ एक त्रिपक्षीय समझौते में प्रवेश करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है ताकि राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अलग-अलग लोगों के साथ-साथ आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भी दिया जा सके। अधिकारी ने बताया कि फाउंडेशन एसजेडी के तहत विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के संभावित लाभार्थियों का सर्वेक्षण करेगा और इसे अगले दो वर्षों में दोनों विभागों के समक्ष प्रस्तुत करेगा। गौरतलब है कि भाजपा एमएलसी श्रीकांत भारतीय तर्पण फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक हैं। श्रीकांत ने तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (2014 से 2019 तक) के ओएसडी के रूप में काम किया था।
सजा को जुर्माने में बदलने की दी मंजूरी
अधिकारी ने कहा कि मंत्रिपरिषद ने महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम 1959 में कारावास की सजा को जुर्माने में बदलने को भी मंजूरी दी, जिसके अनुसार सड़कों पर मवेशियों को लाने पर कारावास के पुराने प्रावधानों के बजाय मालिकों को जुर्माना देना होगा।