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'हिम्मत है तो पकड़कर दिखाओ': अंबानी को धमकी देने वाले 'शादाब खान' को पकड़ने की कहानी, अति-आत्मविश्वास ले डूबा
Tue, 07 Nov 2023 08:34 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 07 Nov 2023 08:34 AM IST
सार
एक ईमेल में मुंबई पुलिस की उसे पकड़ने की योग्यता पर भी सवाल उठाए गए थे। इससे पुलिस को अंदाजा हो गया कि हो सकता है कि कोई अपने तकनीकी ज्ञान का दिखावा करने के लिए ये ईमेल भेज रहा हो।
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मुकेश अंबानी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अरबपति बिजनेसमैन मुकेश अंबानी को धमकी देने वाले आरोपी को मुंबई पुलिस ने हाल ही में गिरफ्तार किया है। आरोपी एक 21 साल का लड़का है, जिसने सिर्फ अपने दोस्तों पर रौब जमाने और अपने तकनीकी ज्ञान पर अतिआत्मविश्वास करके मुकेश अंबानी को धमकी दी थी लेकिन पुलिस की सूझबूझ से उसकी ये चालाकी धरी रह गई। जब आरोपी ने मुकेश अंबानी के ऑफिस में तीसरा ईमेल भेजा तो उसमें आरोपी ने लिखा कि 'कैच मी इफ यू कैन' (अगर आप पकड़ सकते हैं तो पकड़ कर दिखाइए)। इससे पुलिस को यह अंदाजा हो गया कि आरोपी उन्हें चुनौती देना चाहता है।
आरोपी ने पुलिस को दी पकड़ने की चुनौती
बता दें कि मुकेश अंबानी के ऑफिस में 27 अक्तूबर को एक ईमेल आया, जिसमें 20 करोड़ रुपये की मांग की गई थी, वरना मुकेश अंबानी को मारने की धमकी दी गई थी। इसके बाद कई और ईमेल भेजे गए, जिनमें पैसों की डिमांड 20 करोड़ रुपये से बढ़कर 400 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। हालांकि आरोपी ने किसी बैंक खाते की डिटेल्स आदि नहीं दी, जिनमें पैसा ट्रांसफर करना था। एक ईमेल में मुंबई पुलिस की उसे पकड़ने की योग्यता पर भी सवाल उठाए गए थे। इससे पुलिस को अंदाजा हो गया कि हो सकता है कि कोई अपने तकनीकी ज्ञान का दिखावा करने के लिए ये ईमेल भेज रहा हो।
आखिरकार पुलिस ने आरोपी को गुजरात के कालोल से गिरफ्तार किया है जो कि 21 साल का एक नौजवान राजवीर कांत है जो स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। आरोपी का पिता कालोल पुलिस में हेड कांस्टेबल है। आरोपी को पकड़ने के लिए मुंबई पुलिस की क्राइम इंटेलीजेंस यूनिट ने जांच शुरू की तो पता चला कि आरोपी ने वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का इस्तेमाल करके मेलफेंस (Mailfence Account) खोला है ताकि उसके आईपी एड्रेस का पता ना लगाया जा सके।
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आरोपी ने ऐसे रची साजिश
इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच का फोकस मेलफेंस अकाउंट पर किया। जांच में पता चला कि देश में सिर्फ 500 यूजर्स इस अकाउंट का इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन मौजूदा समय में उनमें से सिर्फ 150 ही एक्टिव हैं। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि जिस वक्त मुकेश अंबानी को धमकी भरे ईमेल भेजे गए तो उस वक्त सिर्फ एक अकाउंट ही एक्टिव था। यह जानकारी मिलने के बाद आरोपी के आईपी एड्रेस का पता लगाना पुलिस के सामने चुनौती थी।
एक गलती की वजह से धरा गया
पुलिस ने बताया कि आरोपी पूरी रात डार्क वेब पर सर्फिंग करता था और वह लगातार अपने आईपी एड्रेस को एक देश से दूसरे देश में बदल रहा था, जिससे उसका पता लगाना मुश्किल हो रहा था लेकिन पुलिस की भी उस पर लगातार नजर थी। इसी दौरान आरोपी एक चूक कर गया और अपने आईपी एड्रेस को दूसरे देश के आईपी एड्रेस में बदलने के दौरान वह गलती से अपना आईपी एड्रेस की जानकारी दे गया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गुजरात से कलोल से पकड़ लिया।
क्रिकेटर शादाब खान के नाम से दी धमकी
आरोपी ने शादाब खान के नाम से मुकेश अंबानी को धमकी दी। जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि जब वह पहला ईमेल लिख रहा था तो उस वक्त पाकिस्तान का मैच चल रहा था और पाकिस्तान का क्रिकेटर शादाब खान बल्लेबाजी कर रहा था तो आरोपी ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपना नाम भी शादाब खान लिख दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 387 और 506 के तहत मामला दर्ज किया है और आरोपी को अधिकतम सात साल तक की सजा हो सकती है।
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आरोपी ने पुलिस को दी पकड़ने की चुनौती
बता दें कि मुकेश अंबानी के ऑफिस में 27 अक्तूबर को एक ईमेल आया, जिसमें 20 करोड़ रुपये की मांग की गई थी, वरना मुकेश अंबानी को मारने की धमकी दी गई थी। इसके बाद कई और ईमेल भेजे गए, जिनमें पैसों की डिमांड 20 करोड़ रुपये से बढ़कर 400 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। हालांकि आरोपी ने किसी बैंक खाते की डिटेल्स आदि नहीं दी, जिनमें पैसा ट्रांसफर करना था। एक ईमेल में मुंबई पुलिस की उसे पकड़ने की योग्यता पर भी सवाल उठाए गए थे। इससे पुलिस को अंदाजा हो गया कि हो सकता है कि कोई अपने तकनीकी ज्ञान का दिखावा करने के लिए ये ईमेल भेज रहा हो।
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आखिरकार पुलिस ने आरोपी को गुजरात के कालोल से गिरफ्तार किया है जो कि 21 साल का एक नौजवान राजवीर कांत है जो स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। आरोपी का पिता कालोल पुलिस में हेड कांस्टेबल है। आरोपी को पकड़ने के लिए मुंबई पुलिस की क्राइम इंटेलीजेंस यूनिट ने जांच शुरू की तो पता चला कि आरोपी ने वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का इस्तेमाल करके मेलफेंस (Mailfence Account) खोला है ताकि उसके आईपी एड्रेस का पता ना लगाया जा सके।
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आरोपी ने ऐसे रची साजिश
इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच का फोकस मेलफेंस अकाउंट पर किया। जांच में पता चला कि देश में सिर्फ 500 यूजर्स इस अकाउंट का इस्तेमाल कर रहे हैं लेकिन मौजूदा समय में उनमें से सिर्फ 150 ही एक्टिव हैं। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि जिस वक्त मुकेश अंबानी को धमकी भरे ईमेल भेजे गए तो उस वक्त सिर्फ एक अकाउंट ही एक्टिव था। यह जानकारी मिलने के बाद आरोपी के आईपी एड्रेस का पता लगाना पुलिस के सामने चुनौती थी।
एक गलती की वजह से धरा गया
पुलिस ने बताया कि आरोपी पूरी रात डार्क वेब पर सर्फिंग करता था और वह लगातार अपने आईपी एड्रेस को एक देश से दूसरे देश में बदल रहा था, जिससे उसका पता लगाना मुश्किल हो रहा था लेकिन पुलिस की भी उस पर लगातार नजर थी। इसी दौरान आरोपी एक चूक कर गया और अपने आईपी एड्रेस को दूसरे देश के आईपी एड्रेस में बदलने के दौरान वह गलती से अपना आईपी एड्रेस की जानकारी दे गया, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गुजरात से कलोल से पकड़ लिया।
क्रिकेटर शादाब खान के नाम से दी धमकी
आरोपी ने शादाब खान के नाम से मुकेश अंबानी को धमकी दी। जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि जब वह पहला ईमेल लिख रहा था तो उस वक्त पाकिस्तान का मैच चल रहा था और पाकिस्तान का क्रिकेटर शादाब खान बल्लेबाजी कर रहा था तो आरोपी ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपना नाम भी शादाब खान लिख दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 387 और 506 के तहत मामला दर्ज किया है और आरोपी को अधिकतम सात साल तक की सजा हो सकती है।