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मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड: नागेश्वर राव को अवमानना का नोटिस, सुप्रीम कोर्ट में 12 को पेशी

Thu, 07 Feb 2019 03:44 PM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Nilesh Kumar Updated Thu, 07 Feb 2019 03:44 PM IST
सार

  • सुप्रीम कोर्ट ने केस को बिहार से दिल्ली ट्रांसफर किया 
  • बिहार सरकार की आलोचना की, कहा-बस बहुत हो गया
  • एम नागेश्वर राव ने जांच अधिकारी का कर दिया था ट्रांसफर
  • टिस्स की रिपोर्ट में हुआ था बालिका गृह कांड का खुलासा

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Mujaffarpur Shelter home case : Supreme court called M nageshwar rao, case will be trasfer to Delhi
एम नागेश्वर राव, सीबीआई के तत्कालीन अंतरिम निदेशक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मुजफ्फरपुर आश्रय गृह यौन उत्पीड़न मामले की सुनवाई करते हुए सीबीआई के तत्कालीन अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव को तलब किया है। सुप्रीम कोर्ट ने राव को फटकार लगाई है कि किस परिस्थिति में उन्होंने जांच अधिकारी का ट्रांसफर किया। 
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर बिहार आश्रय गृह मामलों की जांच कर रहे सीबीआई के अधिकारी एके शर्मा का तबादला करने पर सुप्रीम कोर्ट ने राव के प्रति कड़ा रूख अख्तियार किया है।  कोर्ट ने सीबीआई के तत्कालीन अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव को अवमानना का नोटिस भेजा और 12 फरवरी को अपने समक्ष पेश होने को कहा।
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मालूम हो कि पिछले साल अक्तूबर में सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच उपजे विवाद के बाद तत्कालीन संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को अंतरिम निदेशक बनाया था। 
 
सुप्रीम कोर्ट ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड केस की सुनवाई बिहार से नई दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। सुनवाई पटना से दिल्ली के साकेत पॉक्सो कोर्ट में ट्रांसफर की गई है। कोर्ट ने जज को आदेश दिया है कि दो हफ्ते के भीटर ट्रायल शुरू करें और 6 महीने के भीतर इसे खत्म करें।

बिहार सरकार को कहा- बस बहुत हो गया

आदेश में कहा गया है कि मुजफ्फरपुर यौन उत्पीड़न मामले से जुड़े दस्तावेजों को दो सप्ताह के भीतर बिहार सीबीआई अदालत से साकेत निचली अदालत में स्थानांतरित किया जाए को कहा गया है। 

इस दौरान कोर्ट ने आश्रय गृहों की देखभाल को लेकर बिहार सरकार की आलोचना की। कोर्ट ने मुजफ्फरपुर आश्रय गृह यौन उत्पीड़न मामले में बिहार सरकार से कहा, बस बहुत हो गया, बच्चों के साथ ऐसा बर्ताव नहीं किया जा सकता।

सीबीआई को फटकार

कोर्ट ने कहा कि यदि राज्य सभी सूचनाएं मुहैया कराने में असफल रहा तो वह बिहार के मुख्य सचिव को समन कर सकता है। कोर्ट ने मुजफ्फरपुर आश्रय गृह यौन उत्पीड़न मामले की जांच कर रहे अधिकारी का तबादला करने को लेकर सीबीआई को भी फटकार लगाई है। 

ये है पूरा मामला

बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह में 34 लड़कियों के साथ रेप का खुलासा होने के बाद ही राजनीतिक बहस तेज हो गई थी। इस कांड का खुलासा टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल सांइसेज(टिस्स) की रिपोर्ट में हुआ। 

जब सरकार पर विपक्षी पार्टियों और लोगों का दबाव बढ़ा तो इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की गई। पिछले दिनों मुजफ्फरपुर के बालिका गृह से 15 साल की बच्ची का भी कंकाल मिला है। जिससे मामले में नया मोड़ आ गया है।
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