सांसदों के अच्छे दिन जल्द, दोगुनी होगी सैलरी!
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सांसदों के अच्छे दिन जल्द ही आने वाले हैं। सरकार ने संकेत दिए हैं कि संसद के आगामी शीत सत्र के दौरान सांसदों के वेतन, भत्ते और सुविधाओं में इजाफे के प्रस्ताव को मंजूरी दी जा सकती है। सांसदों की बेसिक सैलरी 50,000 रुपये से एक लाख रुपये प्रति महीने हो जाएगी।
पीएमओ द्वारा संकेत मिलने के बाद संसद ने भी सांसदों का वेतन और भत्ता बढ़ाने के लिए संयुक्त संसदीय समिति का गठन कर दिया है। बीजेपी के सांसद योगी आदित्यनाथ को सांसदों के वेतन-भत्ता बढ़ाने संबंधी संसदीय समिति का अध्यक्ष चुना गया है।
नई सिफारिशों के बाद सांसदों की सैलरी दोगुनी होकर एक लाख रुपये प्रति माह हो जाएगी। बढ़ी हुई तनख्वाह के अनुरूप ही भत्तों में भी बढ़ोतरी होगी। सांसदों के अपने संसदीय क्षेत्र के लिए यात्रा भत्ते और अन्य रकम भी बढ़कर 90,000 रुपये महीने हो जाएंगे। सांसदों को वेतन एवं भत्ते मिलाकर महीने में 1,90,000 की जगह 2,80,000 रुपये मिलेंगे। पूर्व सांसदों के लिए मासिक पेंशन 20,000 रुपये से बढ़कर 35,000 रुपये हो जाएगी।
तीन गुना बढ़ेगा राष्ट्रपति का वेतन
सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू होने के बाद सांसदों का वेतन दूसरे दर्जे के सरकारी अधिकारियों से भी कम है। इसीलिए सरकार पर भी सांसदों के वेतन-भत्ते में जल्द इजाफे का दबाव है। सूत्रों के अनुसार शीत सत्र के दौरान इस पर फैसला करने के लिहाज से ही वेतन भत्ते पर संयुक्त संसदीय समिति का गठन बीते अक्टूबर महीने में किया गया है।
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन द्वारा गठित इस समिति में लोकसभा के 10 और राज्यसभा के पांच सदस्य हैं। 26 अक्टूबर को समिति की पहली बैठक भी हुई जिसमें योगी आदित्यनाथ को इसका अध्यक्ष चुना गया।
राष्ट्रपति और राज्यपाल के वेतन में भी बढ़ोतरी के संकेत सरकार ने दिए हैं। अभी राष्ट्रपति का वेतन 1.50 लाख रुपए प्रति माह है जबकि राज्यपाल का वेतन 1.10 लाख रुपए है लेकिन नए प्रस्ताव के अनुसार राष्ट्रपति का वेतन पांच लाख रुपए और राज्यपाल का 2.5 लाख रुपए तक हो सकता है।