कर्नाटक: मुख्यमंत्री बोम्मई के राजनीतिक सलाहकार बोले, खुद को सरकार समझने वाले मंत्रियों को तुरंत बर्खास्त किया जाए
रेणुकाचार्य का कहना है कि कुछ मंत्री यह समझने लगे हैं कि अगर वह नहीं होंगे तो सरकार भी नहीं होगी। इसे लेकर रेणुकाचार्य ने मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के साथ बैठक भी की।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के राजनीतिक सलाहकार एमपी रेणुकाचार्य ने मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नलिन कुमार कतील से कुछ मंत्रियों को बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि यइन लोगों ने अपने क्षेत्र में कोई काम नहीं किया है और ये लोगों की मांगों का भी जवाब नहीं दे रहे हैं। रेणुकाचार्य ने कहा कि कुछ मंत्रियों को घमंड हो गया है और उन्हें लगता है कि उनकी मौजूदगी के बिना सरकार का कोई वजूद नहीं है।
होन्नई में मीडिया से बात करते हुए रेणुकाचार्य ने कहा, 'कुछ लोगों को लगता है कि सरकार केवल उन्हीं की वजह से बनी है। उन्हें घमंड हो गया है और वो सोचते हैं कि सरकार उनके बिना नहीं चल सकती। ये लोग पार्टी और सरकार को बदनाम कर रहे हैं। इसलिए मैंने मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष से मुलाकात की और ऐसे मंत्रियों को तत्काल बर्खास्त करने का अनुरोध किया है। मैंने यह भी कहा है कि पार्टी के वफादारों को मंत्रिमंडल में लाना चाहिए।'
'हमारी शिकायत सबके खिलाफ नहीं, कुछ का काम अच्छा'
हालांकि, उन्होंने कहा कि मैं सभी मंत्रियों की आलोचना नहीं कर रहा हूं। कुछ मंत्रियों ने हमारे अनुरोधों पर प्रतिक्रिया दी है और सम्मानजनक व्यवहार किया है। उन्होंने क्षेत्र में भी काम किया है। हमारी शिकायत सबके खिलाफ नहीं है। रेणुकाचार्य ने कहा कि 15 से अधिक मंत्रियों ने मेरा, मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का भी फोन नहीं उठाया। मैं उम्मीद करता हूं कि मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व चार दिन के अंदर बैठक बुलाकर इस मुद्दे का समाधान करेंगे।
'सरकार या पार्टी के खिलाफ बात नहीं कर रहा हूं'
रेणुकाचार्य ने कहा कि हम मुख्यमंत्री बोम्मई और कतील का बहुत सम्मान करते हैं। हमें विश्वास है कि वह हमारी समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी कदम उठाएंगे। यह मुद्दा राज्य के प्रभारी अरुण सिंह के संज्ञान में भी लाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मैं सरकार या पार्टी के किसी संगठन के खिलाफ बात नहीं कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को सरकार और पार्टी में कुछ बदलावों के साथ सत्ता में वापस आना चाहिए।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के साथ अपने काम के अनुभव के बारे में सवाल पर रेणुकाचार्य ने कहा कि येदियुरप्पा कोई भी काम पांच मिनट में कर देते थे, इसमें अनुदान देना भी शामिल था। बोम्मई भी हमारे साथ उसी प्रेम और विश्वास के साथ व्यवहार करते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी को प्रदेश में मजबूत स्थिति में बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री और भाजपा नेतृत्व को सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है वरना भाजपा को काफी नुकसान हो सकता है।