MP Politics: 'श्री महाकाल लोक' के मेगा इवेंट के बाद बढ़ा सीएम का कद, पीएम मोदी ने मंच से थपथपाई शिवराज की पीठ
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विस्तार
मध्यप्रदेश के उज्जैन में हुए 'श्री महाकाल लोक' के मेगा इवेंट के साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कुर्सी के पाए फिर से मजबूत होते दिख रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार सीएम चौहान की तारीफ की। बात सिर्फ इतनी ही नहीं है। प्रदेश के सियासी गलियारों में भी शिवराज के तेवरों को देखकर भी यही अंदाजा लगाया जा रहा है। बीते दिनों तक शिवराज को बदले जाने की अटकलें लगाई जा रहीं थीं। प्रदेश के कुछ कद्दावर मंत्री राजधानी दिल्ली में अकसर देखे जा रहे थे। पांच दिन पहले चौहान ने इंदौर में उन्हीं मंत्री के खास अफसरों को वीडियो कांफ्रेंसिंग में हटाने का आदेश भी दिया था।
नरोत्तम मिश्रा के खास को किया बर्खास्त
उज्जैन में सीएम शिवराज सिंह चौहान की बॉडी लैंग्वेज भी दिल्ली से मिले अभय दान की ओर इशारा कर रही है। दरअसल, बीते सप्ताह इंदौर में क्राइम ब्रांच के एक थाना प्रभारी को सीधे सीएम ने फटकार लगाई और तत्काल निलंबित करने आदेश दे दिया। शिवराज ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, क्राइम ब्रांच के अफसर वसूली कर रहे हैं और यह बर्दाश्त नहीं होगा। इससे पहले तक इंदौर में इन अधिकारियों को लेकर पुलिस विभाग के गलियारों में साफ था कि हटाए गए ये अफसर प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के खास हैं। उन्हीं के कहने पर इन्हें इंदौर में पोस्टिंग मिली थी।
गृहमंत्री डॉ. मिश्रा इंदौर के प्रभारी मंत्री भी है। ऐसे में पुलिस के ये अफसर कुछ भी करें, बड़े अधिकारी इस पर आंखें मूंद कर बैठे हुए थे। गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा कांग्रेस की कमलनाथ सरकार को गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे। शिवराज को बदल कर उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर पेश भी किया जा रहा था। दिल्ली दरबार में भी डॉ. नरोत्तम मिश्रा लगातार सक्रिय थे। इंदौर में पुलिस अफसर के बदलाव के साथ ही सीएम शिवराज ने खुद के मजबूत होने का संकेत दिए हैं। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में साफ में हो गया की नरोत्तम का दम सीएम चौहान के सामने फीका पड़ गया है। वहीं मंगलवार को उज्जैन प्रधानमंत्री ने शिवराज की पीठ ठोककर इस पर मुहर लगा दी।
भाजपा नहीं लेना चाहेगी कोई रिस्क
प्रदेश के राजनीतिक विश्लेषक का कहना है कि मध्यप्रदेश में भाजपा की स्थिति को शिवराज के कामों की सराहना ही माना जाना चाहिए। भाजपा इससे पहले गुजरात, कर्नाटक और उत्तराखंड में सीएम बदलने वाले फैसले लागू कर चुकी है। हालांकि अब तक नए चेहरा देने से भाजपा को कोई फायदा होते नहीं दिखा। गुजरात जैसे गढ़ में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बदले जाने को अलग अंदाज में देखा जाने लगा। लिहाजा भाजपा अब मध्यप्रदेश जैसे प्रमुख हिंदी पट्टी के राज्य में बदलाव का रिस्क नहीं लेना चाहती है। अगले साल राज्य में विधानसभा के चुनाव होना है। बीते चुनाव में वैसे भी कांग्रेस भाजपा को पछाड़कर सत्ता में आ गई थी। विधायकों की जोड़-तोड़ के बाद ही शिवराज और भाजपा को कुर्सी मिल सकी है। ऐसे में जनता का चेहरा माने जाने वाले शिवराज की विदाई भाजपा को भारी पड़ सकती है।
पीएम मोदी ने मंच से थपथपाई सीएम चौहान की पीठ
मंगलवार को 'श्री महाकाल लोक' के लोकार्पण के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ की। पीएम ने कहा, 'भाई शिवराज सिंह चौहान और उनकी सरकार का मैं हृदय से अभिनंदन करता हूं, जो लगातार इतने समर्पण से इस सेवा यज्ञ में लगे हुए हैं। साथ ही मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों, संतों और विद्वानों का भी आदर पूर्वक धन्यवाद करता हूं कि जिनके प्रयास से ये काम सफल हुआ है।'
दरअसल, आए दिन खबरें सामने आती हैं कि मध्यप्रदेश का सीएम बदला जा सकता है। लेकिन महाकाल लोक कॉरिडोर उद्घाटन के समय सीएम चौहान की जो बॉडी लैंग्वेज थी, उससे यही लगता है कि चौहान अभी भी पार्टी की पहली पसंद बने हुए हैं। श्री महाकाल लोक के साथ भ्रमण के दौरान सीएम पीएम मोदी के साथ गाइड की तरह चलते हुए नजर आए। चौहान ने पीएम को पूरे कॉरिडोर का न केवल भ्रमण करवाया बल्कि पूरे महाकाल लोक में कौन सी प्रतिमाएं लगी हैं, इसमें क्या कुछ खास है, इसकी भी जानकारी दी। पीएम भी सीएम से जानकारी लेते और अन्य सुझाव देते हुए नजर आए।