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Crime News: सड़क हादसे में हुई 30 साल के युवक की मौत, कोर्ट ने दिए माता-पिता को 24 लाख का मुआवजा देने का आदेश
Sat, 08 Oct 2022 11:41 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Sat, 08 Oct 2022 11:41 PM IST
सार
याचिका के अनुसार 24 जुलाई 2014 को सोनू अपने एक रिलेटिव के साथ बाइक पर सवार होकर बाजार की तरफ जा रहा था। उस दौरान नारे गांव के पास विपरीत दिशा में आ रहे एक वाहन ने वड़ा-भिवंडी मार्ग पर तेजगति में उनकी बाइक में टक्कर मार दी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : istock
विस्तार
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में 2014 में सड़क हादसे में मारे गए शख्स के परिजनों को मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) ने 24.05 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। साथ ही याचिका दायर करने वाली तिथि से आवेदक को आठ प्रतिशत प्रति वर्ष ब्याज देने का भी आदेश सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने 27 सितंबर को मामले की सुनवाई करते हुए फैसले को सुरक्षित रख लिया था।
याचिका के अनुसार 24 जुलाई 2014 को सोनू अपने एक रिलेटिव के साथ बाइक पर सवार होकर बाजार की तरफ जा रहा था। उस दौरान नारे गांव के पास विपरीत दिशा में आ रहे एक वाहन ने वड़ा-भिवंडी मार्ग पर तेजगति में उनकी बाइक में टक्कर मार दी। सोनू हादसे के दौरान लोहे की छड़ें लगने से गंभीर रुप से घायल हो गया। उपचार के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। याचिका में कहा गया है कि अस्पताल में उपचार के दौरान छह दिन बाद उसकी मौत हो गई।
सोनू के पिता केशव शेलके (68) और माता सुनीता (63) ने ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की। दायर याचिका में कहा कि उनका बेटा संदीप उस समय 30 वर्ष का था और वह प्रति माह 15,828 रुपये कमा रहा था। दोनों उसकी कमाई पर पूरी तरह से निर्भर थे। उन्होंने 31 लाख रुपये का मुआवजा मांगा। याचिका में सुधाकर वी शेल्के, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, मंगल बी वाघे, (अन्य मोटरसाइकिल कामालिक) और रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड प्रतिवादी थे।
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यह भी जोड़ा गया खर्च
24.05 लाख रुपये की मुआवजे की राशि में 20.83 लाख रुपये निर्भरता हानि के रूप में, 16,500 रुपये संपत्ति और अंतिम संस्कार खर्च के नुकसान के लिए, 88,000 रुपये फाइलियल कंसोर्टियम के लिए और 2 लाख रुपये अस्पताल और चिकित्सा खर्च के लिए शामिल हैं।
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याचिका के अनुसार 24 जुलाई 2014 को सोनू अपने एक रिलेटिव के साथ बाइक पर सवार होकर बाजार की तरफ जा रहा था। उस दौरान नारे गांव के पास विपरीत दिशा में आ रहे एक वाहन ने वड़ा-भिवंडी मार्ग पर तेजगति में उनकी बाइक में टक्कर मार दी। सोनू हादसे के दौरान लोहे की छड़ें लगने से गंभीर रुप से घायल हो गया। उपचार के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। याचिका में कहा गया है कि अस्पताल में उपचार के दौरान छह दिन बाद उसकी मौत हो गई।
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सोनू के पिता केशव शेलके (68) और माता सुनीता (63) ने ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की। दायर याचिका में कहा कि उनका बेटा संदीप उस समय 30 वर्ष का था और वह प्रति माह 15,828 रुपये कमा रहा था। दोनों उसकी कमाई पर पूरी तरह से निर्भर थे। उन्होंने 31 लाख रुपये का मुआवजा मांगा। याचिका में सुधाकर वी शेल्के, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, मंगल बी वाघे, (अन्य मोटरसाइकिल कामालिक) और रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड प्रतिवादी थे।
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यह भी जोड़ा गया खर्च
24.05 लाख रुपये की मुआवजे की राशि में 20.83 लाख रुपये निर्भरता हानि के रूप में, 16,500 रुपये संपत्ति और अंतिम संस्कार खर्च के नुकसान के लिए, 88,000 रुपये फाइलियल कंसोर्टियम के लिए और 2 लाख रुपये अस्पताल और चिकित्सा खर्च के लिए शामिल हैं।