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साहब बेटे मारते हैं उन्हें समझा दें पर मारना नहीं, बुजुर्ग महिला ने बेघर होने से बचाने की लगाई गुहार

Fri, 06 Jul 2018 05:54 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिद्धार्थनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 06 Jul 2018 05:54 AM IST
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mother said, Sahab son beat me Explain them but But do not beat them

साहब! पति का निधन हो गया है। तीन सौतेले बेटों ने उपचार के बहाने फर्जी तरीके से मकान की वसीयत करा ली है। किराया भी जबरन वसूल लेते हैं। अपशब्द कहते हैं और घर से बाहर निकाल देने की बात कह रहे हैं। मुझे मारते-पीटते भी हैं। उन्हें पकड़कर समझा दीजिए। मारिएगा नहीं। क्योंकि वह भी बेटे ही हैं। यह कहते हुए एक 85 वर्ष की वृद्ध महिला फफक कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी के समक्ष रो पड़ी। कहा मुझे बेघर होने से बचा लीजिए साहब! घर ही सहारा है उसी के किराए से जीती हूं, मैं कहां जाऊंगी।

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महिला शहर के आजाद नगर मोहल्ले की निवासी है। उसकी बुढ़ापे की लाठी एक दूसरे समुदाय की महिला है जो गैर होते हुए भी देखभाल कर रही है। एसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र में शांती देवी पत्नी चंद्रशेखर तिवारी निवासी आजाद नगर ने कहा है कि उनका मोहल्ले में खुद का मकान था। पति ने वर्ष 2013 में लड़की के नाम मकान वसीयत कर दी थी।
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मानसिक रूप से बीमार पति को उपचार के बहाने सौतेले बेटे ले गए और अक्टूबर 2017 में फर्जी तरीके से अपने नाम वसीयत करा ली। तीन मार्च 2018 को पति का निधन भी हो गया। इसके बाद से ही सौतेले बेटे प्रताड़ित कर रहे हैं। मामले को संज्ञान में लेते हुए एसपी डॉ. धर्मबीर सिंह ने संबंधित थाने को मामले की जांच करके कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

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