{"_id":"5f01206a3120d16be2066c43","slug":"most-of-the-work-will-be-on-digital-mode-training-centers-with-small-hospitals-will-open-on-15th-july","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिजिटल मोड पर ज्यादातर काम, छोटे अस्पतालों के साथ 15 जुलाई से खुलेंगे देशभर के प्रशिक्षण केंद्र","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
डिजिटल मोड पर ज्यादातर काम, छोटे अस्पतालों के साथ 15 जुलाई से खुलेंगे देशभर के प्रशिक्षण केंद्र
Sun, 05 Jul 2020 06:06 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sun, 05 Jul 2020 06:06 AM IST
विज्ञापन
जितेंद्र सिंह
- फोटो : एएनआई
अनलॉक-2 के तहत 15 जुलाई से देश के सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों को खोलने के लिए कार्मिक मंत्रालय ने शनिवार को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी। इसके तहत सभी केंद्रों में अधिकतर ट्रेनिंग डिजिटल मोड होगी। जहां क्लासरूम ट्रेनिंग की जरूरत होगी वहां छोटे व कम अवधि के बैच होंगे। सोशल डिस्टेंसिंग समेत कोरोना रोकथाम के सभी नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
विज्ञापन
एसओपी के मुताबिक केंद्रों में मौजूद सभी स्टाफ और प्रशिक्षुओं को मास्क पहनने होंगे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। आरोग्य सेतु एप अनिवार्य होगा। हर केंद्र को एक छोटा अस्पताल तैयार करना होगा जिसमें मान्यता प्राप्त डॉक्टर की व्यवस्था हो। गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों की मां, उच्च रक्तचाप, दमा, किडनी और हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों के मरीजों को ऑनलाइन ट्रेनिंग लेनी होगी।
विज्ञापन
सभी क्लासरूम, स्टॉफरूम, छात्रावास, गलियारे, कॉमन एरिया और शौचालयों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना होगा। वक्त-वक्त पर सैनिटाइजेशन जरूरी होगा। केंद्र पर आने वाले सभी व्यक्तियों को बताना होगा कि हाल में उन्हें कोई बीमारी तो नहीं हुई। इनकी हेल्थ हिस्ट्री का पूरा ब्योरा रखना होगा। वहीं केंद्र पर आने वाले सभी प्रशिक्षुओं को हर दिन बताना होगा कि वे कहां कहां गए और किस किस से मिले। ताकि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा सके।
विज्ञापन
नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा
प्रशिक्षण संस्थानों को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा जो कोरोना संबंधी जिम्मेदारियों को संभालेगा और देखेगा कि सभी नियमों का पालन हो रहा है। इसके अलावा कोरोना संबंधी मामलों में जिम्मेदारियां तय करने के लिए एक कमेटी नियुक्त करनी होगी।