जलवायु परिवर्तन : ‘अर्बन हीट आइलैंड’ में बदलते जा रहे हैं देश के ज्यादातर शहर
- आईआईटी खड़गपुर के शोधकर्ताओं ने किया चौंकाने वाला खुलासा
- बढ़ती शहरी गतिविधियों की वजह से ऐसा सभी मौसम में हो रहा
- 16 साल में देश के 44 बड़े शहरों में हुए शोध में मिली जानकारी
विस्तार
जलवायु परिवर्तन पर दुनियाभर में छिड़ी बहस के बीच आईआईटी खड़गपुर के शोधकर्ताओं ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। शोधकर्ताओं ने पाया कि भारत के ज्यादातर शहर ग्रामीण इलाकों की तुलना में ‘अर्बन हीट आइलैंड’ में तब्दील हो रहे हैं। ऐसा सिर्फ गर्मियों में नहीं बल्कि हर मौसम में हो रहा है। इसका कारण शहरों में दिनभर होने वाली गतिविधियां हैं। यह परिणाम 2001 से 2017 के बीच 44 बड़े शहरों में शोध के बाद सामने आया है। दुनिया के लिए जलवायु परिवर्तन पहले ही परेशानी का सबब बना हुआ है। ऐसे में आईआईटी खड़गपुर के इस शोध ने चिंता बढ़ा दी है।
आईआईटी के महासागर, नदी, वायुमंडल और भूमि विज्ञान केंद्र (कोरल) के शोधकर्ताओं तथा उसके वास्तुकला एवं क्षेत्रीय योजना विभाग ने अपने अध्ययन में बताया कि देश में 10 लाख से अधिक आबादी वाले बड़े शहरों में दिन के समय पारा अधिक दर्ज किया गया। रात में भी पारा अपेक्षाकृत चढ़ा हुआ पाया गया। उपनगरों के मुकाबले शहरी इलाकों में अधिक गरम तापमान से स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचने की आशंका है, क्योंकि प्रदूषण के अलावा गर्म हवाएं भी सेहत के लिए हानिकारक हो सकती हैं।
तापमान घटाने के उपायों पर अमल जरूरी
शोध करने वाले प्रोफेसर अरुण चक्रवर्ती ने कहा, ‘हमने देश के कई शहरों में अध्ययन के बाद ऐसा परिणाम पाया है। हमारी टीम ने 2001 और 2017 के बीच 44 प्रमुख शहरों में सभी मौसमों में तापमान का अध्ययन किया। इन शहरों में रहने वाले लोगों को बढ़ते तापमान से खतरा है, क्योंकि प्रदूषण के अलावा गर्मी भी शरीर के लिए नुकसानदेह है। ऐसे में तापमान कम करने के उपायों पर अमल करना बहुत जरूरी है।’ प्रोफेसर जयनारायण कुट्टीपुरथ ने कहा, ‘हमारे अध्ययन से मिले सबूत से पता चलता है कि शहर और उसके आस-पास यदि हरियाली हो, तो शहर में तापमान कम हो सकता है।’