Gujarat: नम आंखों से अग्निवीर गोहिल को दी गई अंतिम विदाई, ट्रेनिंग के दौरान हुए थे हादसे का शिकार
महाराष्ट्र के नासिक जिले में आर्टिलरी सेंटर में फायरिंग की प्रैक्टिस के दौरान तोप से दागे गए एक गोले के फट जाने से को दो अग्निवीरों की मौत हो गई थी।
विस्तार
गुजरात के राजकोट जिले के गांव अंचवड़ में सेना के अग्निवीर जवान गोहिल विश्वराज सिंह का पार्थिक शरीर शनिवार को उनके पैतृक निवास पहुंचा। ऐसे में, जवान के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। नम आंखों से लोगों ने आज अपने लाल को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा में भारत माता की जय, गोहिल अमर रहे के नारे गुंजते रहे।
फायरिंग की प्रैक्टिस के दौरान हुई थी मौत
महाराष्ट्र के नासिक जिले में आर्टिलरी सेंटर में फायरिंग की प्रैक्टिस के दौरान तोप से दागे गए एक गोले के फट जाने से को दो अग्निवीरों की मौत हो गई थी। एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को बताया था कि यह घटना गुरुवार को दोपहर में नासिक रोड इलाके में स्थित आर्टिलरी सेंटर में हुई थी। इस घटना में अग्निवीर 20 साल के गोहिल विश्वराज सिंह और 21 साल के सैफत शिट की मौत हो गई थी।
सीएम पटेल और केंद्रीय मंत्री मंडाविया ने भी श्रद्धांजलि दी
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने 20 वर्षीय जवान को श्रद्धांजलि दी। मंडाविया विधायक जयेश रदाडिया और भानुबेन बाबरिया के साथ अंछवड़ गांव में आयोजित पुष्पांजलि समारोह में शामिल हुए। तिरंगे में लिपटा गोहिल का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव पहुंचा वैसे ही लोगों की भीड़ उमड़ गई। कईयों ने अंतिम श्रद्धांजलि दी।
क्या बोले सीएम?
सीएम पटेल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'राजकोट जिले के जामकंडोरना तालुका के अंचवड़ गांव के अग्निवीर सैनिक गोहिल विश्वराज सिंह नासिक के देवलाली में शहीद हो गए। मैं देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और परिवारजनों को इस नुकसान को सहन करने की शक्ति दे।'
पोरबंदर के सांसद मंडाविया ने भी गोहिल को श्रद्धांजलि अर्पित की। सेना ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी शुरू कर दी है।
नासिक में तोप का गोला फटा था
अधिकारियों ने बताया था कि प्रशिक्षण केंद्र में अग्निवीरों का एक दल प्रशिक्षण ले रहा था। इस दौरान तोप का एक गोला फट गया। इसमें दो अग्निवीर घायल हो गए थे। घायलवस्था में दोनों को देवलाली के एमएच अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पर दोनों की मौत हो गई। हवलदार अजीत कुमार की शिकायत के आधार पर देवलाली पुलिस थाने में हादसे में मौत होने का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
अग्निपथ योजना क्या है और अग्निवीर कौन होते हैं?
अग्निपथ योजना की घोषणा केंद्र ने जून 2022 में की थी। इस योजना के तहत भर्ती होने वालों को 'अग्निवीर' कहा जाता है। सरकार ने कहा है कि रक्षा बलों में चार साल की सेवा के बाद युवाओं के लिए कई नौकरियां और अन्य रास्ते खुले रहेंगे। चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर, 25 फीसदी अग्निवीरों को भारतीय सशस्त्र बलों में नियमित कैडर के रूप में रखा जाएगा। बाकी को आगे रोजगार के अवसरों के लिए सहायता मिलेगी। अग्निवीरों को उनके बाहर निकलने पर सेवा निधि पैकेज के रूप में 11.71 लाख रुपये दिए जाएंगे, जो आयकर से मुक्त होंगे। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, असम, ओडिशा और गोवा सरकार ने अग्निवीरों को चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने का एलान किया है। इसके अलावा विभिन्न केंद्रीय बलों में भी अग्निवीरों को आयुसीमा और सरकारी नौकरियो में प्राथमिकता देने के लिए कहा है।