मोदी दरबार में हर दिन पहुंच रही दो हजार से अधिक फरियाद
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दरबार में हर दिन जो हजार से अधिक फरियाद पहुंच रही हैं। प्रत्येक माह आ रही शिकायतों की औसत संख्या 61 हजार 919 है। पीएमओ ने अबतक सात लाख 18 हजार 241 शिकायतों का निपटारा किया है। लंबित मामलों की संख्या दो लाख 72 हजार 466 है। शिकायतों में भ्रष्टाचार और कदाचार के आरोप भी शुमार हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डा. जीतेन्द्र सिंह ने कहा है कि शिकायतें विभिन्न विषयों से संबंधित होती हैं। इनमें कर्मचारियों की समस्याएं, नागरिक सुविधाओं की गुणवत्ता, पुलिस से जुड़े मामले, भ्रष्टाचार के आरोप, श्रम मुद्दे, शिक्षा, भूमि संबंधी मामले, वित्तीय सेवाओं आदि से जुड़े मामले शामिल हैं। दिल्ली से संबंधि शिकायतों की संख्या 11028 है।
प्रधानमंत्री मोदी आम लोगों से जुड़े मसले पर बेहद संवेदनशील हैं। वे स्वयं इन शिकायतों और मामलों की मानिटरिंग भी करते हैं। शिकायतों और समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए प्रयास हो रहे हैं। इंटनेट आधारित केंद्रीयकृत लोक शिकायत निवारण प्रणाली के जरिए शिकायतें दर्ज होती हैं और निपटारे के बाद संबंधित व्यक्ति को सूचित भी किया जाता है। आम लोगों की बातें सुनी जाएं और उसके शीघ्र समाधान पर प्रधानमंत्री का जोर है।
शिकायतों में गिरावट आई है
डा. सिंह ने कहा कि केंद्रीय सतर्कता आयोग को मिलने वाली भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों में गिरावट आई है। वर्ष 2014 में भ्रष्टाचार से संबंधित 62632 शिकायतें मिली थीं जो 2015 में घटकर 29838 पर पहुंच गई। इससे पहले 2012 में 37030 और 2013 में 31432 भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें आयोग को मिली थी।
आयोग को भेजी जाने वाली शिकायतों में कई मामलों में मुद्दे एक ही तरह के होते हैं। इस कारण भी संख्या घटती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भावना के अनुरूप सरकार ने भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति का कड़ाई से पालन शुरू किया है।
कर्मचारियों और अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा भी की जा रही है। समूह क और ख के अधिकारियों की समीक्षा 50-55 वर्ष की आयु पूरी होने तथा अन्य कर्मचारियों की 55 वर्ष की आयु पूरी होने पर की जाती है। समीक्षा के प्रावधानों समय- समय पर दोहराया जाता रहा है। अप्रैल में भी ऐसी समीक्षा की गई है।