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Goa: गोवा में 20वीं समुद्री विकास परिषद की बैठक आयोजित, 80 से अधिक महत्वपूर्ण मुद्दों का किया गया समाधान
Fri, 13 Sep 2024 05:50 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 13 Sep 2024 05:50 PM IST
सार
गोवा में शुक्रवार को 20वीं समुद्री विकास परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच 80 से अधिक महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान किया गया।
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गोवा में समुद्री विकास परिषद की बैठक
- फोटो : ANI
विस्तार
गोवा में आयोजित 20वीं समुद्री विकास परिषद की बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 80 से अधिक जरूरी मुद्दों का समाधान किया गया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, दो दिवसीय कार्यक्रम में बंदरगाह के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण, कनेक्टिविटी, वैधानिक अनुपालन, समुद्री पर्यटन, नेविगेशन परियोजनाओं, स्थिरता और बंदरगाह सुरक्षा पर केंद्रित जरूरी मुद्दों का समाधान किया गया।
बैठक में केंद्रीय मंत्री समेत तमाम नेता रहे मौजूद
वहीं आधिकारिक विज्ञाप्ति के अनुसार 20वीं एमएसडीसी के दौरान कई राज्यों के 100 से अधिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया और सफलतापूर्वक उनका समाधान किया गया। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में केंद्रीय बंदरगाह नौवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर और गोवा के मंत्री एलेक्सो सेक्वेरा समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
इन चुनौतियों का भी बैठक में किया गया समाधान
इस बैठक में कई नई और उभरती चुनौतियों का भी समाधान किया गया, जिसमें संकट में फंसे जहाजों के लिए शरण स्थल (पीओआर) की स्थापना, सुरक्षा बढ़ाने के लिए बंदरगाहों पर रेडियोधर्मी पहचान उपकरण (आरडीई) बुनियादी ढांचे का विकास और नाविकों को महत्वपूर्ण आवश्यक श्रमिकों के रूप में मान्यता देकर उनकी सुविधा प्रदान करना, बेहतर कार्य स्थितियां सुनिश्चित करना और तट पर छुट्टी तक पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है।
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केंद्रीय मंत्री ने बैठक को किया संबोधित
जानकारी के मुताबिक बैठक में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और भारत के समुद्री क्षेत्र में प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए राज्य रैंकिंग ढांचे और बंदरगाह रैंकिंग प्रणाली के कार्यान्वयन पर चर्चा की गई। वहीं बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि एमएसडीसी भारतीय बंदरगाह विधेयक और सागरमाला कार्यक्रम जैसी नीतियों और पहलों को संरेखित करने में सहायक रहा है।
'MSDC के प्रयासों ने कई बंदरगाहों के विकास में मदद की'
उन्होंने कहा, केंद्र सरकार, राज्यों और समुद्री बोर्डों के बीच प्रमुख मुद्दों को हल करके, परिषद ने भारत के समुद्री बुनियादी ढांचे के निर्बाध विकास को सुनिश्चित किया है, जिससे तटीय राज्यों को उभरते अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिली है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले दो दशकों में एमएसडीसी के प्रयासों ने 50 से अधिक गैर-प्रमुख बंदरगाहों के विकास में मदद की है, जो अब भारत के वार्षिक कार्गो का 50 प्रतिशत से अधिक संभालते हैं।
वहीं एमएसडीसी की बैठक में कई राज्यों में फैले एक मेगा शिपबिल्डिंग पार्क की योजनाओं पर भी चर्चा हुई।
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बैठक में केंद्रीय मंत्री समेत तमाम नेता रहे मौजूद
वहीं आधिकारिक विज्ञाप्ति के अनुसार 20वीं एमएसडीसी के दौरान कई राज्यों के 100 से अधिक मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया और सफलतापूर्वक उनका समाधान किया गया। जानकारी के मुताबिक इस बैठक में केंद्रीय बंदरगाह नौवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर और गोवा के मंत्री एलेक्सो सेक्वेरा समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
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इन चुनौतियों का भी बैठक में किया गया समाधान
इस बैठक में कई नई और उभरती चुनौतियों का भी समाधान किया गया, जिसमें संकट में फंसे जहाजों के लिए शरण स्थल (पीओआर) की स्थापना, सुरक्षा बढ़ाने के लिए बंदरगाहों पर रेडियोधर्मी पहचान उपकरण (आरडीई) बुनियादी ढांचे का विकास और नाविकों को महत्वपूर्ण आवश्यक श्रमिकों के रूप में मान्यता देकर उनकी सुविधा प्रदान करना, बेहतर कार्य स्थितियां सुनिश्चित करना और तट पर छुट्टी तक पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है।
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केंद्रीय मंत्री ने बैठक को किया संबोधित
जानकारी के मुताबिक बैठक में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और भारत के समुद्री क्षेत्र में प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए राज्य रैंकिंग ढांचे और बंदरगाह रैंकिंग प्रणाली के कार्यान्वयन पर चर्चा की गई। वहीं बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि एमएसडीसी भारतीय बंदरगाह विधेयक और सागरमाला कार्यक्रम जैसी नीतियों और पहलों को संरेखित करने में सहायक रहा है।
'MSDC के प्रयासों ने कई बंदरगाहों के विकास में मदद की'
उन्होंने कहा, केंद्र सरकार, राज्यों और समुद्री बोर्डों के बीच प्रमुख मुद्दों को हल करके, परिषद ने भारत के समुद्री बुनियादी ढांचे के निर्बाध विकास को सुनिश्चित किया है, जिससे तटीय राज्यों को उभरते अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिली है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले दो दशकों में एमएसडीसी के प्रयासों ने 50 से अधिक गैर-प्रमुख बंदरगाहों के विकास में मदद की है, जो अब भारत के वार्षिक कार्गो का 50 प्रतिशत से अधिक संभालते हैं।
वहीं एमएसडीसी की बैठक में कई राज्यों में फैले एक मेगा शिपबिल्डिंग पार्क की योजनाओं पर भी चर्चा हुई।
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