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Morbi Bridge: ओरेवा समूह ने पीड़ितों को पांच करोड़ का मुआवजा देने की पेशकश की, कल फिर सुनवाई करेगा हाईकोर्ट

Tue, 21 Feb 2023 11:03 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 21 Feb 2023 11:03 PM IST
सार

मोरबी शहर में मच्छु नदी पर बना पुलिस बीते साल तीस अक्तूबर को ढह गया था। इस हादसे में 135 लोगों की जान चली गई थी। जबकि 56 अन्य घायल हो गए थे।

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Morbi bridge crash: Oreva Group offers to pay Rs 5 crore compensation to victims
मोर्बी पुल हादसा - फोटो : PTI

विस्तार

घड़ी बनाने वाली कंपनी ओरेवा ग्रुप ने मंगलवार को गुजरात हाईकोर्ट के समक्ष उन लोगों के परिजनों को पांच करोड़ रुपये का अंतरिम मुआवजा देने की पेशकश की, जिनकी मोरबी में झूला पुल टूटने से मौत हो गई थी या घायल हो गए थे। हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा कि कंपनी द्वारा दिया गया मुआवजा 'न्यायसंगत' नहीं है।

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मोरबी शहर में मच्छु नदी पर बना पुलिस बीते साल तीस अक्तूबर को ढह गया था। इस हादसे में 135 लोगों की जान चली गई थी। जबकि 56 अन्य घायल हो गए थे। अजंता मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड (ओरेवा ग्रुप) ने पिछले साल त्रासदी के बाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान अंतरिम मुआवजे का आश्वासन दिया था। 
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ओरेवा ग्रुप की ओर से पेश वरिष्ठ वकील निरूपम नानावती ने कोर्ट से कहा, अगर मुआवजे को प्रभावितों के बीच विभाजित किया जाता है, तो मृतकों के परिजनों को करीब 3.5 लाख रुपये मिलेंगे, जबकि घायलों को एक-एक लाख रुपये मिलेंगे। चीफ जस्टिस सोनिया गोकानी और जस्टिस संदीप भट्ट की बेंच ने कहा, क्या यह न्यायसंगत है? आपने स्वेच्छा से न्यायपूर्ण मुआवजा देने की इच्छा व्यक्त की। क्या आपके अनुसार यह न्यायसंगत है?
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बेंच ने मामले की अगली सुनवाई बुधवार को तय की और नानावती से कहा कि वह अपने मुवक्किल से निर्देश लें कि क्या कंपनी भविष्य में और मुआवजा देगी क्योंकि इस भुगतान को 'अंतिम' नहीं बताया गया है। बेंच ने इससे पहले स्पष्ट किया था कि ओरेवा की ओर से मुआवजे की पेशकश उसे किसी भी दायित्व से मुक्त नहीं कर सकती। 

राज्य सरकार द्वारा गठित एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के मुताबिक ओरेवा ग्रुप के प्रबंध निदेशक (एमडी) जयसुख पटेल  ने पुल के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभाली थी। नानावती ने कोर्ट को सूचित किया कि पांच करोड़ रुपये की राशि अंतरिम और सामयिक व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि ओरेवा समूह दो सप्ताह के भीतर गुजरात सरकार को पांच करोड़ रुपये जमा करेगा। नानावती ने कहा, राज्य यह तय कर सकता है कि घायलों या मृतकों के परिजनों को कितनी राशि का भुगतान किया जाना है।


उन्होंने कोर्ट को बताया कि इसके अलावा कॉर्पोरेट इकाई ने उन सात बच्चों की पूरी जिम्मेदारी ली है, जिन्होंने त्रासदी में अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है। इन सात बच्चों को बालिग होने तक निवास और शिक्षा जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी। वरिष्ठ वकील ने कहा कि कंपनी उन्हें उनकी योग्यता के अनुसार नौकरी भी देगी। वरिष्ठ अधिवक्ता कमल त्रिवेदी ने कोर्ट को सूचित किया कि राज्य और केंद्र ने अब तक मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये और प्रत्येक घायल व्यक्ति को दो लाख रुपये का मुआवजा दिया है।

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