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Morbi Bridge Collapse: ओरेवा ग्रुप के मालिकों को गुजरात हाईकोर्ट का नोटिस; अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई टली
Mon, 23 Jan 2023 12:24 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, अहमदाबाद
पीटीआई, अहमदाबाद
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 23 Jan 2023 12:24 AM IST
सार
अदालत ने मोरबी नगर पालिका से कड़े शब्दों में कहा कि लापरवाही का बचाव करने के लिए समय की मांग करना उचित नहीं है। साथ ही कहा कि अगर नगर पालिका की ओर से लापरवाही का मामला साबित होता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
गुजरात हाईकोर्ट ने बुधवार को ओवरा समूह के मालिक जयसुख पटेल को गुजरात में मोरबी पुल ढहने के मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मोरबी नगरपालिका द्वारा दी गई दलीलों को खारिज करते हुए और ओवरा समूह के मालिकों के खिलाफ दायर याचिका को स्वीकार करते हुए, गुजरात हाईकोर्ट ने जयसुख पटेल को अगली सुनवाई में जवाब देने को कहा।
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अदालत ने मोरबी नगर पालिका से कड़े शब्दों में कहा कि लापरवाही का बचाव करने के लिए समय की मांग करना उचित नहीं है। साथ ही कहा कि अगर नगर पालिका की ओर से लापरवाही का मामला साबित होता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गुजरात के मोरबी की मच्छू नदी में एक सदी पुराने ब्रिज के गिरने से 134 लोगों की जान चली गई थी।
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राज्य सरकार से सख्त कार्रवाई की उम्मीद
गुजरात उच्च न्यायालय ने 7 नवंबर को मोरबी दुर्घटना का स्वत: संज्ञान लिया, गृह विभाग सहित अधिकारियों को नोटिस जारी किया और एक हप्ते के भीतर रिपोर्ट मांगी। हाईकोर्ट ने कहा कि हम राज्य सरकार से सख्त कार्रवाई की उम्मीद करते हैं। नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मोरबी पुल ढहने की घटना एक 'भारी त्रासदी' थी, साथ ही शीर्ष अदालत ने गुजरात उच्च न्यायालय से मोरबी पुल हादसे को लेकर समय-समय पर सुनवाई करने के लिए कहा था।
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गुजरात हाईकोर्ट ने मोरबी हादसे पर रिपोर्ट देने को कहा
गुजरात उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को 19 जनवरी तक मोरबी हादसे में विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच की प्रगति रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया, जहां एक सदी पुराना है निलंबन पुल ढह गया, 134 लोगों की जान ले ली। कोर्ट ने बुधवार को अपने आदेश में कहा, 'सरकार को विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच की प्रगति रिपोर्ट और हाईकोर्ट के पहले के आदेशों के अनुपालन की रिपोर्ट 19 जनवरी तक सौंपनी चाहिए।
गिरफ्तारी वारंट भी जारी
गुजरात की एक कोर्ट ने ओरेवा समूह के जयसुख पटेल के खिलाफ 30 अक्तूबर को मोरबी में पुल गिरने के मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। हादसे में 135 लोगों की जान चली गई थी। अजंता मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड (ओरेवा ग्रुप) मच्छू नदी पर ब्रिटिश काल के सस्पेंशन ब्रिज के संचालन और रखरखाव के लिए जिम्मेदार था। पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता दिलीप अगेचनिया ने बताया कि मोरबी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमजे खान ने अजंता मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड (ओरेवा ग्रुप) के प्रबंध निदेशक जयसुख पटेल के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 70 के तहत पुलिस से आवेदन प्राप्त करने पर लगभग एक सप्ताह पहले गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई एक फरवरी तक टली
इस बीच गुजरात के मोरबी की एक सत्र अदालत ने शनिवार को ओरेवा समूह के प्रबंध निदेशक (एमडी) द्वारा दायर अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई एक फरवरी तक के लिए टाल दी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीसी जोशी की अदालत ने जयसुख पटेल द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई एक फरवरी तक के लिए टाल दी, क्योंकि सरकारी वकील मौजूद नहीं थे। पटेल ने 16 जनवरी को यहां सत्र अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।