फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Moradabad resident mohammed faraz selected in junior hockey team

तंग गलियों से निकल अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकेगा फराज का सितारा

Wed, 04 Jul 2018 09:37 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 04 Jul 2018 09:37 AM IST
विज्ञापन
Moradabad resident mohammed faraz selected in junior hockey team
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर के वारसी नगर की तंग गलियों में छोटे से मकान में रहने वाले मोहम्मद फराज ने देश की जूनियर हॉकी टीम में अपना स्थान बनाकर परिजनों, प्रशिक्षकों और शहर का नाम राष्ट्रीय फलक पर रोशन किया है। हॉकी की राष्ट्रीय टीम में चयनित होने वाले फराज मुरादाबाद के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। अब वह 14 जुलाई से बेल्जियम में आयोजित की जा रही छह देशों की प्रतियोगिता में अपने ड्रैक फ्लिक के हुनर से कमाल करने को बेताब हैं। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। 
विज्ञापन


घर का नक्शा बनाने वाले मोहम्मद हासिम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नसरीन फातिमा के तीन बच्चों में फराज दूसरे नंबर के हैं। मां नसरीन फातिमा ने बताया कि फराज बचपन में क्रिकेट खेलने के शौकीन थे। लेकिन कक्षा पांच में आते-आते हॉकी खेलने लगे। क्रिकेट के क्रेज को देखते हुए मां ने हॉकी खेलने से मना भी किया था, लेकिन फराज पर तो जुनून सवार था।
विज्ञापन


राजकीय इंटर कॉलेज के ऊबड़-खाबड़ और धूल भरे मैदान पर प्रशिक्षकों के बताए तरीकों का फराज घर के छोटे से आंगन में अभ्यास करते थे। वर्ष 2006, 2007, 2008 में वह राजकीय इंटर कॉलेज से स्कूल स्टेट खेले। बेहतरीन ड्रैक फ्लिक की वजह से उनका चयन वर्ष 2011 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के खेल छात्रावास में हो गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

तीन दिन में ही लौटे घर

फराज ने बताया कि छात्रावास में खिलाड़ियों ने उन्हें हतोत्साहित कर दिया। तीन दिन में ही उनकी बातों में आकर वह घर लौट आए। इस पर प्रशिक्षक इकबाल खान ने उन्हें खूब डांटा और जिला हॉकी क्लब के संस्थापक अतहर खां ने दोबारा एडमिशन करा दिया। वहां जाने के तीन महीने के अंदर ही वह सब जूनियर टीम में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेले। वर्ष 2012 में उनको लखनऊ खेल छात्रावास में एडमिशन मिला। यहां से फराज ने वर्ष 2015, 2016, 2017 में जूनियर वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।

उड़ीसा के खिलाफ लगाई हैट्रिक

जूनियर वर्ग में होने के बावजूद इसी वर्ष फरवरी माह में लखनऊ में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एयर इंडिया टीम की ओर से फराज को खिलाया गया। यहां पर भी उन्होंने अपने ड्रैक फ्लिक से विपक्षी खेमे में खलबली मचा दी। फराज ने बताया कि देश में सबसे मजबूत टीम उड़ीसा की मानी जाती है। इसके खिलाफ लगातार तीन गोल दागकर हैट्रिक की। पूरी प्रतियोगिता में नौ पेनाल्टी कॉर्नर में से आठ को उन्होंने गोल में तब्दील किया और दूसरे सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी रहे।

18 सदस्यीय टीम का हिस्सा हैं फराज

हॉकी खेल महासंघ की ओर से विश्वकप के लिए कोर टीम का चयन किया गया। फराज को पहले 53 खिलाड़ियों में और बाद में 33 खिलाड़ियों में चुना गया। अब वह 18 सदस्यीय टीम के सदस्य हैं। 

आयरलैंड में खेलेंगे अभ्यास मैच

बेल्जियम में 14 जुलाई से 21 जुलाई तक होने वाली प्रतियोगिता में छह देश आयरलैंड, ग्रेट ब्रिटेन, भारत, बेल्जियम, मलेशिया और नीदरलैंड खेलेंगे। इससे पहले हॉलैंड में दो अभ्यास मैच भी खेले जाएंगे। इसके लिए वह छह जुलाई को दिल्ली से रवाना होंगे। फराज ने बताया कि बिना मेहनत के कोई रास्ता नहीं मिलता है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा गोल करने की रणनीति रहेगी, ताकि विजेता ट्रॉफी देश के नाम रहे।

घर में जश्न का माहौल

फराज ने सबसे पहले मां को फोन कर चयन की सूचना दी थी। जानकारी मिलते ही परिजन, रिश्तेदार और परिचितों के बधाई देने के लिए लगातार फोन आ रहे हैं। सुबह से ही पकवान बनाने के अलावा मिठाई बांटी जा रही है। बड़े भाई मोहम्मद अहफाज ने बताया कि फराज को कभी रुपये-पैसों की समस्या नहीं होने दी। जब परेशानी आई तो अपनी जरूरतों में कटौती कर उसको जूतों और हॉकी के लिए रुपये भेजते थे।

प्रशिक्षक इकबाल खान ने बताया कि अभी तक मुरादाबाद से खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर प्रतियोगिताओं या फिर राष्ट्रीय शिविरों में ही भाग लिया है। जीआईसी मैदार पर हॉकी के 50 साल के इतिहास में यह पहला मौका है कि यहां का खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलेगा। देशभर से 18 सदस्यीय की टीम में जगह बनाना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन उसने अपने जुनून और कठिन परिश्रम की वजह से इसे साकार कर दिया। 

पिता के नहीं थम रहे आंसू

बेटे की सफलता पर पिता हासिम के खुशियों के आंसू नहीं थम रहे हैं। वह बात-बात में फफक पड़ते हैं। उन्होंने बताया कि शुरू से ही बेटे पर भरोसा था। इसलिए उसे छोटी सी उम्र में खुद से दूर कर दिया था। आज उसने पिता के त्याग को सार्थक कर गौरवान्वित कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed