बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

केरल: भारत में तालिबानी मानसिकता का पहला उदाहरण थे 'मोपला दंगे', राम माधव का पिनराई सरकार पर निशाना

पीटीआई, कोझिकोड Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 19 Aug 2021 04:48 PM IST

सार

संघ के नेता राम माधव ने केरल में 1921 में हुए मोपला विद्रोह को भारत में तालिबानी मानसिकता का पहला उदाहरण बताया है। उन्होंने कहा कि केरल सरकार इसे वाम क्रांति बताते हुए जश्न मनाकर इस पर लीपापोती करना चाहती है। 
 
विज्ञापन
राम माधव
राम माधव
ख़बर सुनें

विस्तार

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेता राम माधव ने 1921 में केरल में हुए मोपला विद्रोह, जिसे मोपला दंगे भी कहा जाता है, को भारत में तालिबानी मानसिकता का पहला नमूना करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि केरल की पिनराई विजयन सरकार इसे एक वाम क्रांति बताकर जश्न मना रही है, जो कि इस पर लीपापोती का प्रयास है। 
विज्ञापन


राम माधव ने कहा कि देश के राष्ट्रीय नेतृत्व को 'सही इतिहास' पता है, इसलिए वह तालिबानी या अलगाववादी ताकतों को देश में हिंसा या लोगों को विभाजित करने की इजाजत नहीं देगा, फिर चाहे केरल हो या कश्मीर। राम माधव आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं। वे गुरुवार को कोझिकोड में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम 1921 में केरल में हुए उक्त विद्रोह में मारे गए लोगों की याद में रखा गया था। 


संघ नेता ने कहा कि वर्तमान में पूरे विश्व का ध्यान तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में सत्ता पर कब्जा किए जाने पर है। मीडिया इस मौके पर तालिबान द्वारा पूर्व में और अभी किए जा रहे अत्याचार दुनिया के सामने ला रहा है। हालांकि भारत के लिए यह नई बात नहीं है। कुछ कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा के लोगों ने मोपला विद्रोह के दौरान केरल में भी इसे अंजाम दिया था। 

केरल सरकार लीपापोती में जुटी
संघ नेता ने कहा कि 1921 के मोपला विद्रोह के वक्त मीडिया इतना प्रभावी नहीं था, इसलिए तब हुई हिंसा व अत्याचार उजागर नहीं हुए। इन दंगों के बारे में हर कोई नहीं जानता है, इसलिए वामपंथी सरकार उसे छिपाने या लीपापोती करने के लिए इसे अंग्रेज सरकार के खिलाफ वाम क्रांति का रूप देकर जश्न मना रही है। इन विद्रोहियों को नायक के रूप में पेश किया जा रहा है। चूंकि अभी केरल में वाम सरकार है, इसलिए वह इसे जमींदारों के खिलाफ विद्रोह बता रही है। इसे पूरी तरह अलग रंग दिया जा रहा है। राम माधव ने कहा कि तालिबानी मानसिकता के कारण  ही 1947 में देश का बंटवारा हुआ। 

क्या है मोपला विद्रोह
20 अगस्त 1921 को केरल के मालाबार इलाके में मोपला विद्रोह (Moplah rebellion) की शुरुआत हुई थी। कहा जाता है कि विद्रोह के दौरान इस इलाके के मोपला मुस्लिमों ने हजारों हिंदुओं की हत्या कर दी थी। हिंदू महिलाओं के साथ बलात्कार व अत्याचार किए गए थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us