Monsoon Session: सदन में जब पीएम से मिलीं सोनिया गांधी, रखी मणिपुर पर चर्चा की मांग, मोदी ने दिया ये जवाब
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विस्तार
संसद का मानसूत्र सत्र गुरुवार से शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच एक करीब एक मिनिट तक चर्चा भी हुई। चर्चा के दौरान सोनिया ने पीएम मोदी से मणिपुर की घटना पर चर्चा की बात भी रखी। पीएम मोदी ने सोनिया की बात सुनने के बाद कहा कि ठीक है, हम इसे देखेंगे।
दरअसल, लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले पीएम मोदी सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्यों की बेंच पर पहुंचकर वहां मौजूद नेताओं से अभिवादन कर रहे थे। जैसे ही पीएम विपक्षी सदस्यों की बेंच के पास पहुंचे, तो उनकी मुलाकात कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी से हुई। पीएम के अभिवादन के जवाब में सोनिया भी उनका अभिवादन किया। तभी पीएम ने सोनिया से उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना। इस पर सोनिया ने कहा कि फिलहाल उनकी सेहत अच्छी है। तभी सोनिया गांधी ने पीएम से कहा कि सदन के अंदर हम मणिपुर के मुद्दे पर चर्चा चाहते हैं। आप जल्द इस पर चर्चा कराएं। सोनिया की बात सुनने के बाद पीएम ने कहा कि ठीक है, हम इसे देखेंगे।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बताया कि लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने से पहले दोनों नेताओं की मुलाकात हुई। तभी पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मणिपुर पर चर्चा की मांग की। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि वह इसे देखेंगे।
पीएम मोदी ने मणिपुर की घटना को शर्मनाक बताया
प्रधानमंत्री मोदी ने मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराए जाने की घटना पर कहा कि यह घटना किसी भी सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली है और इससे पूरे देश का अपमान हुआ है। संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले, मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों को विश्वास दिलाया कि इस मामले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून सख्ती से एक के बाद एक कदम उठाएगा। उन्होंने कहा, ‘मणिपुर की बेटियों के साथ जो हुआ है...इसके दोषियों को कभी माफ नहीं किया जा सकता है।’
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट करके कहा कि 1800 घंटे से अधिक की समझ से परे और अक्षम्य चुप्पी के बाद आखिरकार प्रधानमंत्री ने मणिपुर पर कुल 30 सेकंड तक बात की। इसके बाद पीएम मोदी ने मध्यप्रदेश, यूपी और गुजरात जैसे राज्यों में महिलाओं पर अत्याचारों को नजरअंदाज करते हुए अन्य राज्यों को खासकर विपक्ष द्वारा शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को एक समान करके मणिपुर में भारी शासन विफलताओं और मानवीय त्रासदी से ध्यान हटाने की कोशिश की। उन्होंने मणिपुर में चल रहे जातीय संघर्ष के मुद्दे को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया। उन्होंने शांति की कोई अपील नहीं की है, न ही मणिपुर के सीएम से पद छोड़ने के लिए कहा। उन्होंने सिर्फ मणिपुर से सामने आए एक वीडियो पर टिप्पणी की है।