जासूसी कांड पर विपक्ष एकजुट: राहुल गांधी ने पूछा- सरकार ने पेगासस खरीदा या नहीं, हां या ना में दें जवाब
पेगासस जासूसी कांड को लेकर सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर है। संसद से लेकर सड़क तक विपक्षी दल सरकार को घेरने में जुटे हुए हैं। राहुल गांधी की अगुवाई में बुधवार को 14 दलों के नेता इस मुद्दे पर एक साथ नजर आए। राहुल गांधी ने कहा कि वह इस मुद्दे पर किसी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं है।
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पेगासस जासूसी कांड, महंगाई और कृषि कानूनों को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। संसद से लेकर सड़क तक विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है। बुधवार को राहुल गांधी की अगुवाई में 14 दलों के सांसदों ने संंसद भवन से विजय चौक तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि संसद में सरकार उनकी आवाज दबा रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी ने लोगों के फोन में जासूसी का हथियार डाला। जज, पत्रकारों की जासूसी करवाई गई है। आखिर लोकतंत्र में जासूसी क्यों करवाई जा रही है, जासूसी का इस्तेमाल देश के खिलाफ है। हिंदुस्तान के लोकतंत्र पर यह हमला है। विपक्ष इस मुद्दे पर सदन में चर्चा कराने की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार चर्चा को लेकर तैयार नहीं है। राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि क्या सरकार ने पेगासस सॉफ्टवेयर को खरीदा था या नहीं, इसपर वह सफाई क्यों नहीं देते।
We want to ask just one question. Has the Govt of India bought Pegasus? Yes or No. Did the Govt use Pegasus weapon against its own people? We have been told clearly by the Govt that no discussion will take place on Pegasus in the House: Congress leader Rahul Gandhi pic.twitter.com/ISqeP4dF68
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 28, 2021
विपक्षी दलों ने भी सरकार पर कसा तंज
राहुल गांधी ने कहा कि आखिर सरकार इस मुद्दे पर चर्चा क्यों नहीं करना चाह रही है। हम सदन में गतिरोध पैदा नहीं कर रहे हैं, हम अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वहीं, शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। ये पहली बार नहीं हुआ है। हम इनके साथ काम कर चुके हैं। ये राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, इसलिए इस पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। शिवसेना के बाद सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि सरकार कह रही है कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं, फिर क्यों वो चर्चा से भाग रही?
आज लोकसभा और राज्यसभा में बुधवार को भी पेगासास जासूसी कांड को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। विपक्षी दल सरकार से सदन में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग पर अड़े हुए हैं और प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से जवाब मांग रहे हैं। वहीं, सत्ता पक्ष विपक्ष पर सदन नहीं चलने देने और चर्चा नहीं करने का आरोप लगा लगा रहा है।
बता दें कि पेगासस जासूसी कांड को लेकर विपक्ष हमलावर है, जिसके चलते अब तक संसद की कार्यवाही ठप रही है। इस मामले में विपक्ष दलों के नेता प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से जवाब मांग रहे हैं। हालांकि, संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव की ओर से इस मुद्दे पर जवाब दिया गया था, लेकिन विपक्ष पीएम और गृहमंत्री से जवाब की मांग पर अड़ा है।
पेगासस जासूसी कांड पर 14 विपक्षी दल एकजुट
कांग्रेस समेत 14 विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार को घेरने और दबाव बनाने की रणनीति पर चर्चा की। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संसद भवन स्थित कक्ष में हुई इस बैठक में खड़गे के अलावा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, शिवसेना के संजय राउत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल, द्रमुक के टीआर बालू और अन्य दलों के नेता मौजूद थे।
पेगासस और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर पिछले कई दिनों से संसद के दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है। 19 जुलाई से मॉनसून सत्र आरंभ हुआ था, लेकिन अब तक दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही है। विपक्षी दलों का कहना है कि पेगासस जासूसी मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए सरकार के तैयार होने के बाद ही संसद में गतिरोध खत्म होगा।
जनता, किसानों और देश से जुड़े मुद्दे उठा रहे- राहुल गांधी
राहुल ने कहा कि सरकार विपक्ष को ये कहकर बदनाम कर रही है कि हम संसद की कार्यवाही नहीं चलने दे रहे हैं, लेकिन हम जनता, किसानों और देश से जुड़े मुद्दों को उठा रहे हैं। उन्होंने सत्ता पक्ष पर आरोप लगाया कि जिन मुद्दों पर बात करना चाहते हैं, सरकार बात करने को तैयार नहीं है।