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Weather Update: बंगाल की खाड़ी पहुंचा मानसून, जानिए आपके राज्य को कब मिलेगी गर्मी से राहत?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Wed, 18 May 2022 10:55 AM IST
सार

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून अगले दो से तीन दिनों में पूरे अंडमान सागर, अंडमान निकोबार द्वीप समूहों, मध्यपूर्व बंगाल की खाड़ी में छा जाएगा। आमतौर पर इन क्षेत्रों में मानसून 22 मई के बाद सक्रिय होता है। इस बार यह छह दिन पहले सक्रिय हो गया है। 

भारत में समय पर हो सकती है मानसून की एंट्री।
भारत में समय पर हो सकती है मानसून की एंट्री। - फोटो : अमर उजाला/सोनू कुमार
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विस्तार

भीषण गर्मी की मार झेल रहे देश के लिए राहत भरी खबर है। जल्द ही इस गर्मी से राहत मिल सकती है।  मानसून ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह और बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्से में सक्रियता के साथ दस्तक दे दी है। खास बात ये है कि इस बार मानसून करीब हफ्तेभर पहले ही दस्तक दे चुका है। 


मौसम विभाग के अनुसार, मानसून अगले दो से तीन दिनों में पूरे अंडमान सागर, अंडमान निकोबार द्वीप समूहों, मध्यपूर्व बंगाल की खाड़ी में छा जाएगा। आमतौर पर इन क्षेत्रों में मानसून 22 मई के बाद सक्रिय होता है। इस बार यह छह दिन पहले सक्रिय हो गया है। 


दक्षिण भारत में क्या स्थिति होगी?
मौसम विभाग के अनुसार, आमतौर पर केरल में मॉनसून एक जून को दस्तक देता है। इस बार राहत की खबर ये है कि यहां मॉनसून तीन से पांच दिन पहले पहुंच सकता है। मतलब 27 मई से एक जून तक यहां मानसून के दस्तक देने की संभावना है। 

मौसम वैज्ञानिक डॉ. केपी पांडेय के मुताबिक, अगले पांच दिनों में केरल, कर्नाटक में कुछ स्थानों पर गरज, चमक और तेज हवाओं के साथ मानसून पूर्व भारी बारिश होने की उम्मीद है। तमिलनाडु में सोमवार से बुधवार तक और अगले दो दिनों में लक्षद्वीप क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना है। बुधवार को तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश के आसार हैं।
 

किस राज्य में कब दस्तक देगा मानसून

मानसून की दस्तक
मानसून की दस्तक - फोटो : अमर उजाला
तारीख राज्य/क्षेत्र
26 मई बंगाल की खाड़ी
27 मई- एक जून केरल, लक्षद्वीप, पुडुचेरी, तमिलनाडु
पांच जून कर्नाटक, असम, मेघालय
06-10 जून महाराष्ट्र, तेलंगाना, सिक्किम
11-15 जून छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड
16-20 जून पूर्वी उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड
21-25 जून पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर
26-30 जून पंजाब, हरियाणा 
   
सदी की सबसे बुरी गर्मी झेल रहा उत्तर भारत
इस बार सदी की सबसे बुरी गर्मी उत्तर भारत झेल रहा है। राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बांदा में तो तापमान 49 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। उधर, सोमवार को राजस्थान के धौलपुर में अधिकतम तापमान 46.1 डिग्री और यूपी के बांदा में रविवार को अधिकतम तापमान 49 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसके अलावा 12 से ज्यादा शहरों में 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान दर्ज किया गया। सबसे अधिक धौलपुर (46.1 डिग्री), इसके बाद झांसी (45.6 डिग्री), नौगांव (45.5 डिग्री), बठिंडा (45.1 डिग्री), वाराणसी, पटियाला और सीधी (प्रत्येक में 45 डिग्री) का स्थान रहा।

मंगलवार को झारखंड के डाल्टनगंज में 46, मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 45, यूपी के हमीरपुर में 44, प्रयागराज में 44, सुल्तानपुर में 40, कानपुर में 43, मैनपुरी में 43, लखनऊ में 42, अयोध्या में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। कम से कम 25 से ज्यादा जिले ऐसे, रहे जहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।

दिल्ली क्यों बढ़ रही इतनी गर्मी? 

दिल्ली में 49 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच चुका है।
दिल्ली में 49 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच चुका है। - फोटो : अमर उजाला
राजधानी दिल्ली हिट वेब की मार झेल रहा है। तापमान 50 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। ठंड में यहां जोरदार ठंड होती है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सबसे ज्यादा असर क्यों दिखता है? इसका जवाब जानने के लिए हमने मौसम वैज्ञानिक डॉ. केपी पांडेय से बात की। उन्होंने कहा, 'दिल्ली अरावली और हिमालय के बीच समुद्र तल से 225 मीटर ऊपर स्थित है। राजधानी समुद्र से दूर है इसलिए यहां एक्स्ट्रीम क्लाइमेट का अनुभव होता है। यह देश के कुछ चुनिंदा शहरों में से एक है, जहां गर्मी और ठंडी दोनों ज्यादा पड़ती है। दिल्ली में इस समय कोई महत्वपूर्ण पश्चिमी विक्षोभ दर्ज नहीं किया गया है।'

डॉ. पांडेय आगे कहते हैं, 'मार्च, अप्रैल और मई के महीने में पश्चिमी विक्षोभ देखा गया है लेकिन यह इतना मजबूत नहीं था कि पर्याप्त बारिश ला सके। ज्यादातर बादल छाए या तेज हवाएं चलीं, जो अधिकतम तापमान को एक या दो डिग्री घटा सकती हैं लेकिन राहत नहीं दे सकती हैं।'

उन्होंने इस बार के आंकड़े भी पेश किए। बोले, 'इस बार दिल्ली में दो बारिश वाले दिन रहे- 21 अप्रैल को 0.3 एमएम बारिश दर्ज की गई और 4 मई को 1.44 एमएम बारिश हुई। मार्च के महीने में तो दिल्ली में बिल्कुल बारिश नहीं हुई। इसके पहले मार्च 2018 में भी ऐसा ही हुआ था।'
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