Monsoon 2023: खेतीबाड़ी के लिहाज से जुलाई में सामान्य रहेगा मानसून, इन फसलों पर नजर आएगा असर
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विस्तार
देश में मानसून दस्तक दे चुका है, लेकिन इसका अभी खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों को छोड़ दें, तो पूरे देश में जुलाई में मानसून सामान्य रहने की संभावना है। जबकि कुछ राज्यों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की आशंका है। खेती बाड़ी के लिहाज से बेहद अहम जुलाई महीने में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सामान्य रहने के आसार हैं। इस दौरान दीर्घावधि के 94 से 106 फीसदी के दायरे में बारिश हो सकती है। मगर उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, दक्षिण कर्नाटक के आंतरिक क्षेत्र, तमिलनाडु, पंजाब और मेघालय जैसे प्रमुख कृषि क्षेत्रों पर संकट के बादल छाने की आशंका बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मॉनसून कमजोर पड़ा, तो धान की बुआई और खड़ी फसल को नुकसान पहुंच सकता है क्योंकि इन्हीं राज्यों में धान की ज्यादातर खेती होती है। इस साल 30 जून तक धान की बुआई पहले ही जून, 2022 के मुकाबले 26 फीसदी कम है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के चार महीनों में जुलाई और अगस्त सबसे महत्त्वपूर्ण माने जाते हैं क्योंकि सबसे अधिक बारिश (औसत मौसमी बारिश के 60 फीसदी से अधिक) इन्हीं महीनों में होती है।
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि जुलाई में मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों एवं आसपास के दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्र, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर एवं पश्चिमोत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में बारिश सामान्य अथवा सामान्य से अधिक होने की संभावना है। मगर पश्चिमोत्तर, पूर्वोत्तर और दक्षिण-पूर्व प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहने की आशंका है। विभाग के अनुसार मध्य भारत के मुख्य मॉनसून क्षेत्र के साथ-साथ महाराष्ट्र में भी जुलाई महीने के दौरान अच्छी बारिश होने का अनुमान है। मध्य भारत में अच्छी बारिश होने से तिलहन और दलहन की बुआई का रकबा बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
देशभर में अभी ऐसा है मौसम का मिज़ाज
उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तर प्रदेश के मध्य भागों पर है। अपतटीय टर्फ रेखा दक्षिण महाराष्ट्र तट से केरल तट तक फैली हुई है। एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य भागों पर मध्य स्तरों पर बना हुआ है। एक और चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र उत्तरी अरब सागर के ऊपर है।
अगले 24 घंटों के दौरान इन क्षेत्रों में होगी बारिश
अगले 24 घंटों के दौरान तटीय कर्नाटक और केरल में मध्यम से भारी बारिश संभव है। लक्षद्वीप, कोंकण और गोवा, सिक्किम, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर बिहार में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दक्षिण गुजरात, तटीय आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड और तमिलनाडु में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों और उत्तराखंड में हल्की बारिश हो सकती है।