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Monkeypox: मंकीपॉक्स की पुष्टि ने बढ़ाई लोगों की टेंशन, अलर्ट पर कई सरकारें, केंद्र की टीम केरल पहुंची
Sat, 16 Jul 2022 01:22 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 16 Jul 2022 01:22 PM IST
सार
Monkeypox: केरल के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि स्वास्थ्यकर्मी उन लोगों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है जो मंकीपॉक्स से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे।
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केरल में मंकीपॉक्स
- फोटो : social media
विस्तार
केरल में मंकीपॉक्स वायरस की पुष्टि होने के बाद केंद्र सरकार सतर्क हो गई है और कई राज्यों को चिट्ठी लिखकर अलर्ट रहने के लिए कहा है। इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा तैयार गाइडलाइन को लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने केरल (Kerala) के कोल्लम जिले में मंकीपॉक्स की पुष्टि के मद्देनजर एक मल्टी डिसिप्लिनरी टीम को केरल भेजा है। ये टीम राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम करेगी। केरल पहुंचने के बाद केंद्रीय टीम ने कहा कि हम स्थिति को देख रहे हैं। पूरी तरह से जानकारी लेने के बाद हम मीडिया से बात करेंगे।
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तमिलनाडु सरकार भी सतर्क
तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम ने कहा कि हमने केरल से लगी राज्य की सीमाओं पर 13 चौकियों पर निगरानी शुरू कर दी है। हम पहले से ही सामूहिक बुखार जांच शिविर आयोजित कर रहे हैं और हमने इसमें मंकीपॉक्स स्क्रीनिंग भी संलग्न की है। अगर किसी में लक्षण पाए जाते हैं तो उन पर नजर रखी जाएगी।
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दुनियाभर में मंकीपॉक्स के तीन हजार से अधिक मामले
दुनिया के कई देशों में मंकीपॉक्स के मामले सामने आए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक एक जनवरी 2022 से 22 जून 2022 तक कुल 3413 मंकीपॉक्स के मामलों की पुष्टि हुई है। ये मामले 50 देशों से सामने आए हैं। इनमें से अधिकांश मामले यूरोपीय क्षेत्र (86%) और अमेरिका में 11% मामले सामने आए हैं।
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मंकीपॉक्स संक्रमण के क्या लक्षण हो सकते हैं?
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक मंकीपॉक्स संक्रमण का इनक्यूबेशन पीरियड (संक्रमण होने से लक्षणों की शुरुआत तक) आमतौर पर 6 से 13 दिनों का होता है, हालांकि कुछ लोगों में यह 5 से 21 दिनों तक भी हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति को बुखार, तेज सिरदर्द, लिम्फैडेनोपैथी (लिम्फ नोड्स की सूजन), पीठ और मांसपेशियों में दर्द के साथ गंभीर कमजोरी का अनुभव हो सकता है। लिम्फ नोड्स की सूजन की समस्या को सबसे आम लक्षण माना जाता है। इसके अलावा रोगी के चेहरे और हाथ-पांव पर बड़े आकार के दाने हो सकते हैं। कुछ गंभीर संक्रमितों में यह दाने आंखों के कॉर्निया को भी प्रभावित कर सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मंकीपॉक्स से मौत के मामले 11 फीसदी तक हो सकते हैं। संक्रमण के छोटे बच्चों में मौत का खतरा अधिक रहता है।
मंकीपॉक्स संक्रमण के क्या कारण हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मंकीपॉक्स नामक वायरस के कारण यह संक्रमण होता है। यह वायरस ऑर्थोपॉक्सवायरस समूह से संबंधित है। इस समूह के अन्य सदस्य मनुष्यों में चेचक और काउपॉक्स जैसे संक्रमण का कारण बनते हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक मंकीपॉक्स के एक से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण के मामले बहुत ही कम हैं। संक्रमित व्यक्ति के छींकने-खांसने से निकलने वाली ड्रॉपलेट्स, संक्रमित व्यक्ति की त्वचा के घावों या संक्रमित के निकट संपर्क में आने के कारण दूसरे लोगों में भी संक्रमण होने की आशंका रहती है।