{"_id":"6180581d0f08be420578a00f","slug":"money-laundering-case-who-is-former-maharashtra-home-minister-anil-deshmukh","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनिल देशमुख गिरफ्तार: भाजपा-शिवसेना से राकांपा तक ऐसा रहा महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री का राजनीतिक सफर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अनिल देशमुख गिरफ्तार: भाजपा-शिवसेना से राकांपा तक ऐसा रहा महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री का राजनीतिक सफर
Tue, 02 Nov 2021 02:43 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Jeet Kumar
Updated Tue, 02 Nov 2021 02:43 AM IST
सार
अनिल देशमुख ने 1995 में कटोल विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ा था, इस चुनाव में उनके जीत मिली। इसके बाद लगातार 1999, 2004, 2009 और 2019 में भी वो चुनाव जीते और विधानसभा पहुंचे। लेकिन 2014 में देशमुख हार का स्वाद चख चुके हैं।
विज्ञापन
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
100 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख आखिरकार ईडी के ऑफिस पहुंचे। यहां उनको गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले ईडी ने उनको पांच बार समन भेजा था। वे अपने वकील के साथ ईडी के दफ्तर पहुंचे, इस दौरान उनके बेटे भी उनके साथ थे।
विज्ञापन
कौन हैं अनिल देशमुख
महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख शरद पवार की पार्टी एनसीपी के बड़े नेता हैं। करीब 70 साल के देशमुख नागपुर जिले के कटोल इलाके के रहने वाले हैं। महाराष्ट्र में भाजपा की सरकारों को छोड़ दें तो 1995 के बाद से अनिल देशमुख लगातार मंत्री रहे हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में उनको कद्दावर नेताओं में गिना जाता है।
विज्ञापन
अनिल देशमुख ने 1995 में कटोल विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ा था, इस चुनाव में उनके जीत मिली। इसके बाद लगातार 1999, 2004, 2009 और 2019 में भी वो चुनाव जीते और विधानसभा पहुंचे। लेकिन 2014 में देशमुख हार का स्वाद चख चुके हैं।
विज्ञापन
70 के दशक से ही राजनीति का सफर शुरू करने वाले देशमुख ने 1992 में जिला परिषद का चुनाव जीता था। 1995 में जब उन्होंने निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ा और जीता था। उस समय महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना की गठबंधन की सरकार थी। उस वक्त देशमुख गठबंधन सरकार के साथ हो लिए थे और गठबंधन की सरकार में पहली बार मंत्री बने और इनको स्कूली शिक्षा और सांस्कृतिक विभाग का कार्यभार सौंपा गया।
जब शरद पवार ने कांग्रेस को छोड़ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का गठन किया तो देशमुख ने इस पार्टी को ज्वॉइन कर लिया। अनिल देशमुख 2014 में महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनावों में हार गए लेकिन साल 2019 में हुए विधानसभा चुनावों में वो फिर से जीते और महाराष्ट्र के गृह मंत्री बन गए।
लेकिन मुंबई पुलिस के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिहं ने अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपये की वसूली का आरोप लगाया था, जिसके लिए अनिल देशमुख को महाराष्ट्र के गृहमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।