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मणिपुर: इस शख्स ने 300 एकड़ बंजर भूमि को जंगल में बदला, करीब दो दशक पहले की थी वृक्षारोपण की शुरूआत
Sun, 13 Nov 2022 10:59 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इम्फाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इम्फाल
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 13 Nov 2022 10:59 PM IST
सार
रिपोर्ट के मुताबिक, उरीपोक खैदेम लीकाई इलाके के रहने वाले मोइरंगथेम लोइया (47 वर्षीय) ने दो दशक पहले इम्फाल शहर के बाहरी इलाके लंगोल हिल रेंज में पेड़ लगाना शुरू किया था। लोइया के बचपन से ही प्रकृति प्रेमी रहे हैं।
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Moirangthem Loiya
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पश्चिम इम्फाल के एक शख्स ने 300 एकड़ बंजर भूमि को जंगल में बदल दिया है। इस जंगल में अब विभिन्न प्रकार के पौधों की प्रजातियां हैं। उन्होंने बीस साल पहले पेड़ लगाना शुरू किया था।
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रिपोर्ट के मुताबिक, उरीपोक खैदेम लीकाई इलाके के रहने वाले मोइरंगथेम लोइया (47 वर्षीय) ने दो दशक पहले इम्फाल शहर के बाहरी इलाके लंगोल हिल रेंज में पेड़ लगाना शुरू किया था। लोइया के बचपन से ही प्रकृति प्रेमी रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि साल 200 की शुरुआत में चेन्नई से कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे कोबरू पर्वत पर गए तो वे बड़े पैमाने पर वनों की कटाई देखकर हैरान रह गए। वह कहते हैं, मुझे प्रकृति मां को वो सब लौटाने की इच्छा महसूस हुई, जो हम इंसानों ने आधुनिकीकरण के नाम पर नष्ट कर दिया है।
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लोइया बताते हैं, मैंने यात्रा के दौरान गलती से उस जगह महसूस किया कि झूम की खेती के कारण जो इलाके बंजर है, उसे समय और समर्पण के साथ हरे-भरे घने जंगल में बदला जा सकता है। इस जगह ने मेरे लिए छह साल तक एक घर के रूप में काम किया, क्योंकि मैं खुद एक झोपड़ी में रहता था, जिसे मैंने खुद बनाया था।
उन्होंने कहा, मैं अपनी जेब से पौधे खरीदूंगा और जब भी संभव होगा यहां लगाउंगा। उन्होंने आगे कहा, वृक्षारोपण ज्यादातर मानसून के मौसम से पहले किया जाता है, इस समय वनस्पति का विकास तेजी से होता है।
लोइया ने वाइल्ड लाइफ एंड हैबिटेट प्रोडक्शन सोसायटी की भी स्थापना की है। वह बताते हैं कि खेल के लिए हिरणों का शिकार एक और समस्या है, जिसका हम आमतौर पर सामना करते हैं। राज्य के वन अधिकारियों ने भी लोंगोल पर्वत श्रृखला में पेड़ लगाने में लोइया का समर्थन किया है। वन अधिकारियों के मुताबिक, तीन सौ एकड़ जंगल में पौधों की सौ से ज्यादा प्रजातियां हैं। 25 किस्म की बांस की प्रजातियां हैं। इसके अलावा, जंगल में हिरण, साही और सांप भी हैं।