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भागवत बोले: शताब्दी वर्ष का जश्न मनाने के बजाय समाज बदलने पर ध्यान दें, दिखावे में शामिल नहीं होना चाहता संगठन

Thu, 18 Apr 2024 10:14 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Thu, 18 Apr 2024 10:14 PM IST
सार

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संगठन के सदस्यों को हर तरह की परिस्थितियों में अपना काम करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष को मनाने की कोई जरूरत नहीं है।

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Mohan Bhagwat says No need for chest-thumping, RSS will not celebrate centenary year
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) 2025 में अपना शताब्दी वर्ष नहीं मनाएगा, क्योंकि संगठन का अपनी उपलब्धियों को लेकर किसी दिखावे में शामिल नहीं होना चाहता।

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एक पुस्तक के विमोचन के मौके पर पर भागवत ने कहा कि जब 1925 में नागपुर में आरएसएस का गठन हुआ था, तब पदाधिकारियों को कड़े विरोध, संसाधनों की कमी और लोगों को जोड़ने में बेहद कठिनाई का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि संगठन के सदस्यों को हर तरह की परिस्थितियों में अपना काम करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष को मनाने की कोई जरूरत नहीं है। संघ, संगठन के अहंकार को बढ़ावा देने के लिए ऐसा नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि संघ संगठन के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाने के बजाय समाज के रूपांतरण पर फोकस करना चाहता है। हमारा विश्वास है कि किसी भी समाज की जीत धन की बजाय धर्म के आधार पर देखी जानी चाहिए।

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