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मोदी गन्ना बकाया भुगतान पर पेश कर गए गलत आंकड़े, मचा बवाल

Sat, 28 May 2016 01:20 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुजफ्फरनगर Updated Sat, 28 May 2016 01:20 AM IST
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Modi projected the wrong figures on cane payment arrears, turmoil
- फोटो : Getty

 यूपी के सहारनपुर की विकास पर्व रैली में पीएम नरेंद्र मोदी ने बकाया गन्ना भुगतान के बयान ने किसान राजनीति में हलचल मचा दी है। मोदी के आंकड़े सच्चाई से परे हैं। अकेले मुजफ्फरनगर में ही 500 करोड़ का भुगतान मिलों पर शेष है। रालोद और भाकियू मोदी के बयान पर मुखर हो गए हैं। 

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वेस्ट यूपी की सियासत गन्ने के इर्द-गिर्द रहती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बखूबी जानते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को यूपी में सिरमौर बनाने के लिए किसानों को साधना होगा। यही वजह है कि केंद्र सरकार के दो साल पूरे होने पर सहारनपुर में हुई रैली में मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत में गन्ना किसानों का दर्द बयां किया। 42 मिनट के भाषण में मोदी ने 13 मिनट गन्ना और किसानों के मुद्दे पर चर्चा की, लेकिन पीएम गन्ना भुगतान के आंकड़ों में उलझ गए।
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उन्होंने कहा कि दो साल पहले जब उनकी सरकार बनी, तब गन्ने का 14 हजार करोड़ रुपया बकाया था। अब केवल 700 करोड़ बाकी रह गया है। मोदी के बयान पर रालोद और भाकियू ने तल्खी दिखाई है। अकेले मुजफ्फरनगर में करीब 500 करोड़ रुपया शुगर मिलों पर बकाया है। सहारनपुर मंडल में बकाया की राशि 1098 करोड़ है। जिले की एक चीनी मिल तितावी पर 150 करोड़ से ज्यादा की किसानों की देनदारी है।

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बयान हकीकत से कोसों दूर

Modi projected the wrong figures on cane payment arrears, turmoil
चीनी मिल

रालोद के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी तितावी और भैंसाना मिल पर पिछले माह धरने दिए, तब मिलों ने बीते वर्ष का 60 करोड़ का भुगतान किया। गुरुवार को शामली चीनी मिल पर जयंत के धरने के बाद चीनी मिल ने 21 करोड़ रुपये जारी किए। पीएम मोदी का रैली में दिया गया बयान हकीकत से कोसों दूर है। आखिर आंकड़ों की यह गलती कैसे हुई, बड़ा सवाल है। प्रदेश में 2017 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। किसान राजनीति पर रालोद और भाजपा में घमासान है। संसदीय चुनाव में किसान वोटबैंक में मोदी ने सेंध लगा दी थी। मिशन यूपी के लिए पीएम ने अपने भाषण में किसानों को जोड़ने की कोशिश की, लेकिन बकाया भुगतान के आंकड़े की गलती ने सवाल खड़े कर दिए। 

प्रधानमंत्री के आंकड़े गलत हैं। मिलों पर बकाया भुगतान के मामले में किसी ने मोदी को गुमराह किया है। यूपी में अभी गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर 6 हजार करोड़ रुपया बकाया है, जिसमें पिछले साल का भी 200 करोड़ शामिल है। 
चौधरी नरेश टिकैत, राष्ट्रीय अध्यक्ष भाकियू। 

देश के प्रधानमंत्री के पास किसानों के बकाया भुगतान के आंकड़े सही न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। किसानों की अनदेखी की वजह से चीनी मिलें पिछले साल का भुगतान भी अभी तक नहीं कर पाईं। अपनी मेहनत की कमाई के लिए किसानों को भीषण गर्मी में मिलों के आगे धरना देना पड़ रहा है। 
जयंत चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव रालोद।

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