MGNREGA: 'केंद्र पर 18 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों का मनरेगा मजदूरी का करोड़ों बकाया', कांग्रेस का दावा
मल्लिकार्जुन खरगे ने 18 साल पहले कांग्रेस द्वारा शुरू किए गए प्रमुख ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम मनरेगा की सराहना की। कहा कि आज के दिन हमारी कांग्रेस-यूपीए सरकार ने करोड़ों लोगों को 'काम का अधिकार' सुनिश्चित करने के लिए मनरेगा लागू किया था।
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा। बुधवार को दावा किया कि बजट में एक तिहाई कटौती के बाद भी मोदी सरकार पर अभी भी देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मनरेगा मजदूरी का 6,366 करोड़ रुपये बकाया है।
18 साल पहले की थी शुरुआत
उन्होंने 18 साल पहले कांग्रेस द्वारा शुरू किए गए प्रमुख ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम मनरेगा की भी सराहना की। कहा कि साल 2005 में आज के दिन हमारी कांग्रेस-यूपीए सरकार ने करोड़ों लोगों को काम का अधिकार सुनिश्चित करने के लिए मनरेगा लागू किया था।
सरकार लगातार कर रही कटौती
खरगे ने सोशल मीडिया पर कहा कि मोदी सरकार द्वारा इस साल मनरेगा के बजट में 33 फीसदी की कटौती की गई है। साथ ही वर्तमान सरकार पर 18 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों पर मनरेगा मजदूरी का 6,366 करोड़ रुपये बकाया है। फिर भी कांग्रेस द्वारा शुरू की गई यह योजना करीब 14.42 करोड़ मजदूरों के लिए महत्वपूर्ण है। इनमें से आधे से अधिक महिलाएं हैं।
महामारी में बनी जीवनरक्षक
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण जब लॉकडाउन लगा था, तब मनरेगा श्रमिकों के लिए जीवनरक्षक बना। मनरेगा ने महामारी के दौरान 80 प्रतिशत आय हानि की भरपाई की और लोगों को कठिन समय में अपनी आजीविका बनाए रखने में मदद करने में सकारात्मक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आज के ही दिन मनमोहन सिंह के नेतृत्व में मनरेगा पारित किया गया था।