{"_id":"5a6f41d14f1c1b7c268b7086","slug":"modi-government-has-not-done-anything-in-last-four-years-yashwant-sinha-says-after-economic-survey","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चार साल में कुछ नहीं किया तो अब समस्या गिना रही है मोदी सरकार: यशवंत सिन्हा","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
चार साल में कुछ नहीं किया तो अब समस्या गिना रही है मोदी सरकार: यशवंत सिन्हा
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 29 Jan 2018 09:26 PM IST
विज्ञापन
पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केन्द्र सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट जारी की है और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केन्द्र सरकार की नीतियों की बखिया उधेड़ दी है। यशवंत सिन्हा ने कहा कि केन्द्र सरकार अब समस्याएं गिना रही है। उसे अब कृषि क्षेत्र की चुनौतियां और समस्याएं दिखाई पड़ रही हैं। इसी तरह से उसे अब बेरोजगारी और शिक्षा के क्षेत्र की समस्या नजर आ रही है। यशवंत सिन्हा ने कहा कि इसमें कौन सी नई बात है। यह समस्या तो पहले भी थी।
विज्ञापन
चार साल कुछ नहीं किया
अमर उजाला से विशेष बातचीत में पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि दरअसल पिछले चार साल में केन्द्र सरकार ने कुछ नहीं किया। इसलिए अब उसे आखिरी पूर्ण कालिक बजट से पहले सारी समस्याएं नजर आ रही है। सरकार द्वारा यह समस्या गिनाने का मतलब पूछा जाना चाहिए। मेरे हिसाब से इसका अर्थ यही है कि केन्द्र सरकार मूलभूत समस्याओं से निबटने की कोई कारगर कोशिश नहीं कर पाई।
विज्ञापन
नोटबंदी कोई आर्थिक सुधार नहीं
केन्द्र सरकार नोटबंदी को लेकर चाहे जितना पीठ थपथपा ले, लेकिन पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री इसको कोई आर्थिक सुधार नहीं मानते। उन्होंने अपनी पुरानी बात को दोहराते हुए कहा कि नोटबंदी केन्द्र सरकार का मनमाना कदम था। इसका मकसद देश कोई आर्थिक सुधार करना था ही नहीं। यह जल्दबाजी में और बिना व्यापक विचार विमर्श किए उठाया गया कदम था। इसलिए इसके अच्छे परिणाम की कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए अब कहा जा रहा है कि हम नोटबंदी के कुप्रभाव से ऊबर रहे हैं।
विज्ञापन
जीएसटी को खराब कर दिया
यशवंत सिन्हा
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
यशवंत सिन्हा के अनुसार वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम एक अच्छी विधा थी। यह आर्थिक सुधार की दिशा में उठाया जाने वाला बड़ा कदम था, लेकिन केन्द्र सरकार की आर्थिक मामलों को लेकर नासमझी ने इसे पूरी तरह से खराब कर दिया। सिन्हा ने कहा कि वह जीएसटी के पक्ष में हैं, लेकिन जिस तरह से केन्द्र सरकार ने जीएसटी को लागू किया और भ्रम की स्थिति पैदा की उसे वह बिल्कुल अच्छा नहीं मानते।
पहले भी बोल चुके हैं हमला
पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा केन्द्र सरकार की आर्थिक नीति को लेकर लगातार हमलावर हैं। वह नोटबंदी और जीएसटी लागू करने के बाद भी केन्द्र सरकार के कदम की आलोचना की थी। यशवंत के सार्वजनिक रूप से राय जाहिर करने के बाद भाजपा के कई नेता और मंत्री उनकी वित्तीय मामलों में समझ को ही कठघरे में खड़ा करने लगे थे। लेकिन कुछ दिन बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तथा विभिन्न एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद केन्द्र सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा था। यहां तक कि केन्द्र सरकार ने जीएसटी के चारों स्लैब की दरों में बदलाव करने शुरू कर दिए थे।
पहले भी बोल चुके हैं हमला
पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा केन्द्र सरकार की आर्थिक नीति को लेकर लगातार हमलावर हैं। वह नोटबंदी और जीएसटी लागू करने के बाद भी केन्द्र सरकार के कदम की आलोचना की थी। यशवंत के सार्वजनिक रूप से राय जाहिर करने के बाद भाजपा के कई नेता और मंत्री उनकी वित्तीय मामलों में समझ को ही कठघरे में खड़ा करने लगे थे। लेकिन कुछ दिन बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तथा विभिन्न एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद केन्द्र सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा था। यहां तक कि केन्द्र सरकार ने जीएसटी के चारों स्लैब की दरों में बदलाव करने शुरू कर दिए थे।