फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Modi government created over 3.5 crore jobs under the Mudra Yojana says Niti Aayog

नीति आयोग के वाइस चेयरमैन का दावा- मुद्रा योजना से उत्पन्न हुई 3.5 करोड़ नौकरियां

Tue, 01 May 2018 12:36 AM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Updated Tue, 01 May 2018 12:36 AM IST
विज्ञापन
Modi government created over 3.5 crore jobs under the Mudra Yojana says Niti Aayog

नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार का दावा है कि प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के अंतर्गत 3.5 करोड़ नौकरियां उत्पन्न हुई हैं। इसके साथ ही उन्होंने देश में बढ़ती बेरोजगारी की समस्या को भी मानने से इनकार किया है। नीति आयोग के वाइस चेयरमैन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही 2019 लोकसभा चुनाव में प्रवेश करने वाले हैं। 

विज्ञापन


उन्होंने आगे कहा 'नीति आयोग जल्द ही 2022 तक के लिए देश का विकास एजेंडा पेश करेगा, जिसमें विकास की गति तेज करने की रणनीति पेश की जाएगी। यह बात सोमवार को कही। कुमार ने कहा कि ‘नया भारत 2022’ के लिए विकास के एजंडे का दस्तावेज पूर्ण करने के बाद आयोग 15 साल के विजन दस्तावेज पर काम शुरू करेगा।'
विज्ञापन


उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि जैसा की शुरुआत से ही जिम्मेदारी सौंपी गई है, नीति आयोग विजन दस्तावेज और रणनीति का प्रारूप पेश करने के लिए प्रतिबद्ध है। रणनीति दस्तावेज पर काम आखिरी चरण में है। इस दस्तावेज का शीर्षक हो सकता है ‘नया भारत 2022 के लिए विकास एजेंडा का दस्तावेज’। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह दस्तावेज पूर्ण हो जाने के बाद और उसे सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर रखे जाने के बाद 2030 तक के लिए 15 वर्षीय विजन तैयार करने पर काम शुरू होगा। आयोग ने तीन दस्तावेज पेश करने की योजना बनाई थी- तीन साल का एक्शन एजेंडा, सात साल का मध्यावध रणनीति दस्तावेज और 15 साल का विजन दस्तावेज।

लाभ वाली सरकारी कंपनियों का होगा विनिवेश

Modi government created over 3.5 crore jobs under the Mudra Yojana says Niti Aayog

सरकारी कंपनियों के विनिवेश पर उन्होंने कहा कि अब कुल लाभ कमा रही कंपनियों में शेयरों के संभावित मूल्य का लाभ उठाने की कोशिश है। इसके लिए पहले उनका प्रदर्शन सुधारा जाएगा और फिर कुछ शेयर बेचे जा सकते हैं, ताकि सरकार को लाभ हो।

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने पहले आयोग को सरकारी कंपनियों को विनिवेश पर विचार करने के लिए कहा था। आयोग ने 40 बीमार पीएसयू के रणनीतिक विनिवेश का सुझाव दिया था। सरकार को मौजूदा कारोबारी साल में सरकारी कंपनियों के विनिवेश से 80,000 करोड़ रुपये की उगाही की उम्मीद है।

सरकारी बैंकों के निजीकरण पर सोचना जल्दबाजी होगी
हाल में सामने आए बैंकिंग गबन पर उन्होंने कहा कि सरकारी बैंकों में कारपोरेट गवर्नेंस पर पीजे नायक समिति पर गौर किया जाना चाहिए, जिसने सुधार के लिए कुछ कदमों की सिफारिश की है। इसमें बैंकों की एक होल्डिंग कंपनी की स्थापना शामिल है। सीधे सरकारी बैंकों के निजीकरण के बारे में सोचना, जल्दबाजी होगी। इस पर अधिक गहराई से विश्लेषण की जरूरत है।

ई-वाहन नीति पर न रहे भ्रम
कुमार ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति को लेकर कोई भी भ्रम नहीं रहना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि नीति आयोग को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह इस पर एक प्रारूप तैयार करे और संबंधित मंत्रालयों और विभागों के साथ समन्वय स्थापित करे, ताकि देश में ई-वाहन कार्यक्रम में तेजी लाने लिए जरूरी कदम उठाया जाना सुनिश्चित हो सके। एजेंसी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed