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Hindi News ›   India News ›   Modi Cabinet Reshuffle: After Rajya Sabha Elections 2022 Two Union Ministers May Have to Resign Know More in Hindi

Rajya Sabha Election: तो दो मंत्रियों को मोदी कैबिनेट से देना पड़ेगा इस्तीफा, जानिए क्या है पूरा मामला?

Wed, 01 Jun 2022 10:39 AM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Wed, 01 Jun 2022 10:39 AM IST
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सार
अगर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और रामचंद्र प्रसाद सिंह दोबारा सांसद नहीं बनते हैं तो उन्हें मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना होगा। ऐसी स्थिति में वह क्या करेंगे? मुख्तार अब्बास नकवी को लेकर पार्टी क्या तैयारी कर रही है? रामचंद्र प्रसाद सिंह ने क्या कहा?
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Modi Cabinet Reshuffle: After Rajya Sabha Elections 2022 Two Union Ministers May Have to Resign Know More in Hindi
मुख्तार अब्बास नकवी और आरसीपी सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

15 राज्यों के 57 राज्यसभा सांसद अगले तीन महीने में रिटायर हो रहे हैं। इन्हीं 57 सीटों पर 10 जून को चुनाव होने हैं। रिटायर होने वाले सांसदों में चार केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं। इनमें पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण, मुख्तार अब्बास नकवी और रामचंद्र प्रसाद सिंह यानी आरसीपी सिंह शामिल हैं।


भाजपा ने पीयूष गोयल और निर्मला सीतारमण को फिर से प्रत्याशी बनाया है, लेकिन मुख्तार अब्बास नकवी को टिकट नहीं मिला है। दूसरी ओर जेडीयू के कोटे से केंद्र सरकार में मंत्री आरसीपी सिंह को भी उनकी पार्टी ने राज्यसभा नहीं भेजने का फैसला लिया है। आइए जानते हैं कैसे इसका असर मोदी कैबिनेट पर पड़ेगा? मुख्तार अब्बास नकवी और आरसीपी सिंह का आगे क्या होगा? 



 

मोदी कैबिनेट पर क्या पड़ेगा असर? 

मंच पर पीएम नरेंद्र मोदी।
मंच पर पीएम नरेंद्र मोदी। - फोटो : अमर उजाला
अब लगभग साफ है कि आरसीपी सिंह राज्यसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे। ऐसे में अगर वह दोबारा संसद नहीं पहुंचें तो उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। इसी तरह मुख्तार अब्बास नकवी का मामला भी है। हालांकि, दोनों को राज्यसभा सदस्यता समाप्त होते ही इस्तीफा देना जरूरी नहीं है। नियम के मुताबिक किसी भी सदन का सदस्य नहीं होने के बाद भी दोनों अगले छह महीने तक मंत्री बने रह सकते हैं। दोनों अगर छह महीने के अंदर लोकसभा या राज्यसभा का सदस्य नहीं बनते तो दोनों को इस्तीफा देना पड़ेगा। 
 

मुख्तार अब्बास नकवी का क्या होगा? 

केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी
केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी - फोटो : अमर उजाला
भाजपा में चार बड़े मुस्लिम नेता हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, सैय्यद शहनवाज हुसैन, एमजे अकबर, जफर इस्लाम शामिल हैं। शहनवाज इस वक्त बिहार सरकार में मंत्री हैं। मुख्तार अब्बास नकवी केंद्रीय मंत्री हैं और एमजे अकबर और जफर इस्लाम राज्यसभा के सांसद। मुख्तार अब्बास नकवी के साथ-साथ एमजे अकबर और जफर इस्लाम का राज्यसभा कार्यकाल पूरा हो रहा है। तीनों को भाजपा ने दोबारा प्रत्याशी नहीं बनाया है।ऐसे में मुख्तार अब्बास को लेकर तीन तरह के कयास लग रहे हैं…

1. रामपुर से उपचुनाव लड़ा सकते हैं : मुख्तार अब्बास नकवी को रामपुर से लोकसभा उपचुनाव में उतारे जाने की चर्चा सबसे ज्यादा है। यह सीट आजम खान के इस्तीफे से खाली हुई है। जो अब रामपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं। मुख्तार अब्बास नकवी 1998 में इस सीट से सांसद रह चुके हैं। 1999, 2009 में उन्हें इस सीट से हार का सामना करना पड़ा था।  

2. संगठन में मिल सकती है जिम्मेदारी: इस साल गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। 2024 में लोकसभा चुनाव भी है। ऐसे में मुख्तार अब्बास नकवी को संगठन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। इससे पहले भी कई वरिष्ठ मंत्रियों को मोदी कैबिनेट से हटाकर संगठन में जिम्मेदारियां दी गई हैं।  

3. मनोनीत सांसद बनने का भी विकल्प : राज्यसभा में 12 मनोनीत सांसद भी होते हैं। इन्हें राष्ट्रपति द्वारा नामित किया जाता है। इस वक्त पांच मनोनीत सदस्य हैं, जबकि सात सीटें खाली हैं। ऐसे में यह संभव है कि भाजपा मुख्तार को राष्ट्रपति की ओर से नामित कराकर फिर से राज्यसभा भेज दे और मौजूदा जिम्मेदारी को कायम रखा जाए।
 

आरसीपी सिंह ने क्या कहा? 

रामचंद्र प्रसाद सिंह
रामचंद्र प्रसाद सिंह - फोटो : अमर उजाला
जेडीयू ने आरसीपी सिंह को दोबारा राज्यसभा नहीं भेजने का फैसला लिया है। ऐसे में तय है कि उन्हें मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा। राज्यसभा के लिए उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद उन्होंने कहा, 'नीतीश कुमार का हर फैसला उन्हें मंजूर है। हमारे नेता ने जो किया, वह पार्टी और उनकी भलाई के लिए ही किया होगा।'

मंत्री पद से इस्तीफे के सवाल पर आरसीपी ने कहा कि अभी छह जुलाई तक हूं। दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री से मिलूंगा। जो कहा जाएगा, करूंगा। मैं पहले भी संगठन के लिए काम करता था। आगे भी करूंगा। नीतीश से 25 वर्ष का रिश्ता है।’ उन्होंने  कहा कि उन्होंने पार्टी को बूथ स्तर तक कार्यकर्ता दिए। पार्टी ने उन्हें महासचिव बनाया, सदन में दल का नेता बनाया, राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया और अभी नेतृत्व की सहमति से ही केंद्रीय मंत्री हूं। 

दोनों मंत्री इस्तीफा देते हैं तो क्या मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार भी होगा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : सोशल मीडियाप
ऐसा जरूरी नहीं है। मौजूदा मंत्रिमंडल में तीन मंत्री बनाए जाने की गुंजाइश है। दो और मंत्रियों के इस्तीफा देने की स्थिति में कैबिनेट में पांच मंत्रियों के लिए जगह खाली हो जाएगी। ऐसे में प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल का विस्तार अभी भी कर सकते हैं। हालांकि, इसकी संभावना काफी कम दिखाई देती है।
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