मोदी और शी जिनपिंग दूर करेंगे गलतफहमियां, पीओके पर होगी बात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जी-20 सम्मेलन के दौरान भारत और चीन हाल के दिनों में उपजे ताजा विवाद और गलतफहमियों को दूर कर संबंधों को ठोस रूप देने की कोशिश करेंगे। सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच दो बार अहम मुलाकात होगी।
इन दोनों के बीच अलग से भी बातचीत होगी। एनएसजी में भारत की सदस्यता और आतंकवाद पर पाकिस्तान के रुख की चर्चा प्रधानमंत्री मोदी के मुख्य एजेंडों में शामिल है।
विदेश मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक मोदी और शी चिनफिंग बलूचिस्तान, दक्षिणी चीन सागर, पीओके जैसे मुद्दे पर उपजी दोनों देशों की दुविधा को दूर करने पर बातचीत होगी।
अातंकियों पर प्रतिबंध और चीन की आपत्ति पर भी होगी चर्चा
भारत पाकिस्तान के संबंध में चीन के सामने अपना पक्ष पुख्ता तौर पर रखेगा। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में हाफिज सईद जैसे आतंकियों पर प्रतिबंध लगाने पर चीन की आपत्ति पर भी बातचीत होगी।
उम्मीद की जा रही है कि चीन भारत और अमेरिका के बीच बढ़ रहे सामरिक समझौते और रक्षा करार का मुद्दा गंभीरता से उठाएगा। गौरतलब है कि 2014 में जिनपिंग की भारत यात्रा और पिछले साल मोदी की चीन यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच खास समीकरण बने थे।
विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि जी-20 में मोदी और चिनफिंग की मुलाकात सभी दुविधा को दूर कर नई शुरुआत करने में काफी मददगार साबित होगा।