फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   MNS likely to contest Worli seat against Shiv Sena UBT MLA Aaditya Thackeray news in hindi

Maharashtra: महाराष्ट्र के सियासी रण में चाचा-भतीजे के बीच छिड़ी जंग! आदित्य के खिलाफ इसे उतारेंगे राज ठाकरे

Sun, 04 Aug 2024 10:28 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: काव्या मिश्रा Updated Sun, 04 Aug 2024 10:28 AM IST
सार

महाराष्ट्र में अब ठाकरे परिवार में कलह होती दिख रही है। यहा चाचा राज ठाकरे और भतीजे आदित्य ठाकरे के बीच सियासी जंग होती दिख रही है। दरअसल, मनसे प्रमुख ने इस बार अपनी पार्टी की ओर से उम्मीदवार उतारने का फैसला लिया है। 

विज्ञापन
MNS likely to contest Worli seat against Shiv Sena UBT MLA Aaditya Thackeray news in hindi
राज ठाकरे और आदित्य ठाकरे के बीच सियासी जंग - फोटो : एएनआई

विस्तार

लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद महाराष्ट्र में भाजपा के अगुवाई वाली महायुति और विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाडी ने विधानसभा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। हाल के लोकसभा चुनावों में वर्ली में उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना के उम्मीदवार की बढ़त सात हजार से कम होने के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को एक अवसर का आभास हो रहा है और वह इस विधानसभा सीट से संदीप देशपांडे को मैदान में उतारने की तैयारी कर रही है। ऐसे में शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे का मुकाबला मनसे के उम्मीदवार से हो सकता है। 

विज्ञापन


कई योजनाएं ठप
मुंबई दक्षिण लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के वर्ली में भारत के कुछ सबसे धनी लोगों का घर है। यह व्यापारिक गतिविधियों के लिए खासा जाना जाता है। हालांकि, यहां बीडीडी चॉल और पुलिस कॉलोनियां पुनर्विकास के इंतजार में हैं। कई झुग्गी पुनर्वास परियोजनाएं ठप पड़ी हुई हैं।
विज्ञापन


राज ठाकरे ने सीएम शिंदे से की मुलाकात
इन सबके बीच, मनसे के अध्यक्ष राज ठाकरे ने शनिवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। इस दौरान वर्ली के मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, बैठक के बाद शिंदे ने अधिकारियों को वर्ली के मुद्दों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। वहीं, दूसरी ओर मनसे के नेता संदीप देशपांडे वर्ली निवासियों की चिंताओं को दूर करने के लिए सक्रिय रूप से उनके साथ जुड़ रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या था 2019 का चुनावी आांकड़ा
विशेष रूप से, मनसे ने 2019 के विधानसभा चुनावों में वर्ली से उम्मीदवार नहीं उतारा था क्योंकि उद्ध ठाकरे वाली शिवसेना (के प्रमुख और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे अपना पहला चुनाव लड़ रहे थे। बिना किसी मजबूत विरोध के ठाकरे ने 62,247 मतों के अंतर से जीत हासिल की थी। शिवसेना (यूबीटी) की जीत के बाद भी इस साल के लोकसभा चुनावों के दौरान वर्ली विधानसभा क्षेत्र में बढ़त में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई।

इसलिए अवसर दिखा...
इससे मनसे को एक नई राह दिखाई दे रही है। उसे यह एक अवसर के रूप में दिख रहा है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सत्तारूढ़ गठबंधन और मनसे साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे या नहीं। सीएम शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और सत्तारूढ़ भाजपा अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के लिए वर्ली में कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। 

देशपांडे का कहना है कि 2017 के नगर निगम चुनाव में हमें (मनसे) वर्ली से 30,000 से 33,000 वोट मिले थे। हमारे पास इस निर्वाचन क्षेत्र से कई मतदाता हैं, जो हमारा समर्थन कर रहे हैं। मनसे ने दावा किया कि आदित्य ठाकरे अपने पिता उद्धव ठाकरे के बाद शिवसेना (यूबीटी) में दूसरे नंबर के अधिकारी हैं। वह आम लोगों के लिए सही नहीं हैं, जिन्हें एक सक्रिय विधायक की जरूरत है। 

उन्होंने आगे कहा कि सवाल जनता के बीच पहुंचने का है। लोगों को एक ऐसे विधायक की जरूरत है, जो उनतक पहुंच सके। मगर मौजूदा नेता जी के मामले में ऐसा नहीं है। 

उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने क्या कहा?
यूबीटी शिवसेना के विधान पार्षद सुनील शिंदे ने लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी पार्टी के उम्मीदवार की बढ़त में अप्रत्याशित गिरावट को स्वीकार किया और इसके लिए अतिआत्मविश्वास को जिम्मेदार ठहराया लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव में आदित्य ठाकरे की मैदान में वापसी का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि वोट कम आने का मतलब यह नहीं कि लोग हमसे नाराज थे। हमारे उम्मीदवार हमारी प्रतिद्वंद्वी (शिवसेना की यामिनी जाधव) से कहीं बेहतर थे। लेकिन लोकसभा चुनाव में यह मोदी फैक्टर था। हमें  ऊंची इमारतों वालों का साथ नहीं मिला।


विधान पार्षद ने कहा कि त्रिकोणीय मुकाबले में मनसे शिवसेना (यूबीटी) के वोटों में सेंध लगा सकती है, लेकिन केवल 2,500 के आसपास। उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के पास चुनाव के दिन मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को आकर्षित करने की एक मजबूत योजना है।

महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीटों के लिए इस साल अक्तूबर में चुनाव होने हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed