मिजोरम: मणिपुर में जातीय हिंसा के खिलाफ आइजॉल में सड़कों पर उतरे लोग
सेंट्रल यंग मिज़ो एसोसिएशन (सीवाईएमए) के नेता प्रोफेसर लालनंटलुआंगा ने कहा कि वे मणिपुर में ज़ो जातीय लोगों पर हुए अत्याचारों की निंदा करने और उनके साथ एकजुटता दिखाने के लिए सड़कों पर उतरे...
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हिंसाग्रस्त मणिपुर में दो आदिवासी महिलाओं के साथ हुई बर्बरता और केंद्र की कथित निष्क्रियता को लेकर मिजोरम नागरिक समाज समूहों ने मंगलवार को आइजोल में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो के मद्देनजर आया है, जिसमें मणिपुर के कांगपोकपी जिले में भीड़ को दो महिलाओं को नग्न परेड करने के लिए मजबूर करते हुए दिखाया गया है।
सेंट्रल यंग मिज़ो एसोसिएशन (सीवाईएमए) के नेता प्रोफेसर लालनंटलुआंगा ने कहा कि वे मणिपुर में ज़ो जातीय लोगों पर हुए अत्याचारों की निंदा करने और उनके साथ एकजुटता दिखाने के लिए सड़कों पर उतरे। मणिपुर में कुकी मिज़ोस के साथ घनिष्ठ जातीय संबंध साझा करते हैं, जिससे यह मुद्दा मिज़ोरम में नागरिक समाज के लिए काफी महत्वपूर्ण हो जाता है।
सूत्रों के मुताबिक विरोध मार्च को विभिन्न नागरिक समाज संगठनों, छात्र निकायों और महिला संगठनों का समर्थन प्राप्त है। बताया गया है कि एमएनएफ, जेडपीएम, कांग्रेस और भाजपा समेत राजनीतिक दलों ने भी मार्च का समर्थन किया है। मिजोरम के मुख्यमंत्री ज़ोरमथांगा ने भी सरकारी कर्मचारियों को विरोध मार्च में भाग लेने की अनुमति दे दी है, जो इस उद्देश्य के लिए भारी समर्थन का प्रदर्शन है।