Mizoram: लाभ के पद को लेकर मंत्री को अयोग्य ठहराने का मामला, राज्यपाल ने चुनाव आयोग से मांगी सलाह
रोयते की फर्म को जिला काउंसिल और अल्पसंख्यक मामलों के विभाग से जून 2022 में एक कॉन्ट्रैक्ट भी मिला था। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत काम किया जा रहा है, जो कि केंद्र सरकार की योजना है।
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मिजोरम के राज्यपाल डॉ. हरी बाबू खंभापति ने राज्य सरकार के एक मंत्री को अयोग्य ठहराने की मांग वाली याचिका पर चुनाव आयोग से सलाह मांगी है। दरअसल याचिका में मिजोरम सरकार के मंत्री रॉबर्ट रोमाविया रोयते को लाभ के पद पर होने के आरोप में अयोग्य ठहराने की मांग की गई है। यह याचिका मिजोरम के मुख्य विपक्षी दल जोराम पीपल्स मूवमेंट ने दाखिल की है। मुख्य विपक्षी दल का आरोप है कि रोयते की एक कंसल्टेंसी फर्म है, जो राज्य सरकार के कई कॉन्ट्रैक्ट्स के तहत काम करती है, जो कि रिप्रजेंटेशन ऑफ पीपल कानून का उल्लंघन है।
रॉबर्ट रोयते मिजोरम की जोरामथांगा सरकार में कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जिनमें खेल और पर्यटन जैसे विभाग शामिल हैं। हाल ही में रोयते को जिला काउंसिल और अल्पसंख्यक मामलों के विभाग की भी जिम्मेदारी दी गई है। याचिका में कहा गया है कि रोयते, नॉर्थ ईस्ट कंसल्टेंसी सर्विसेज नाम से कंपनी चलाते हैं जबकि वह साल 2018 में विधानसभा के सदस्य चुने गए थे।
रोयते की फर्म को जिला काउंसिल और अल्पसंख्यक मामलों के विभाग से जून 2022 में एक कॉन्ट्रैक्ट भी मिला था। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत काम किया जा रहा है, जो कि केंद्र सरकार की योजना है। याचिका में कहा गया है कि यह रिप्रजेंटेंशन ऑफ पीपल्स कानून के प्रावधानों का उल्लंघन है। याचिका में ये भी कहा गया है कि रोयते ने अपने विधानसभा चुनाव के हलफनामे में भी इसका जिक्र किया है। इसी आधार पर विपक्षी दल रोयते को अयोग्य ठहराए जाने की मांग कर रहे हैं।