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मिजोरम उपचुनाव: कड़ी सुरक्षा के बीच तीन बजे तक 75.15 प्रतिशत से अधिक मतदान, सबसे अधिक मतदान चिप्पुई में
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मिजोरम उपचुनाव (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
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मिजोरम की डंपा विधानसभा सीट पर मंगलवार को शांतिपूर्ण माहौल में उपचुनाव के लिए मतदान हुआ। शाम 3 बजे तक 75.15 प्रतिशत मतदान दर्ज की गई। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, सुबह 7 बजे शुरू हुए मतदान में किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। उल्लेखनीय है कि डंपा सीट 21 जुलाई को विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के विधायक ललरिन्तलुआंगा सायलो के निधन के बाद रिक्त हुई थी। मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी। चिप्पुई मतदान केंद्र पर सबसे अधिक 89.29 प्रतिशत और नारापारा नर्थ में सबसे कम 41.01 प्रतिशत मतदान हुआ है।
ममित जिले के इस आदिवासी आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र में कुल 41 मतदान केंद्र बनाए गए, जिनमें से 40 केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। केवल जोपुई मतदान केंद्र पर नेटवर्क समस्या के कारण वेबकास्टिंग नहीं हो सकी।
चुनाव आयोग ने बताया कि तीन मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया था, जहां सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। कुल 20,790 मतदाता, जिनमें 10,185 महिलाएं, पांच प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान शाम 4 बजे तक हुआ।
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डंपा सीट 21 जुलाई को विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के विधायक ललरिन्तलुआंगा सायलो के निधन के बाद रिक्त हुई थी। यह क्षेत्र बांग्लादेश की बिना बाड़ वाली सीमा और त्रिपुरा से लगती अंतरराज्यीय सीमा से सटा हुआ है, जहां चकमा और रीआंग जनजातियों की भी उल्लेखनीय आबादी है।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीआरपीएफ) और राज्य पुलिस के जवानों को मतदान केंद्रों और सीमावर्ती इलाकों में तैनात किया गया है। इस बार डंपा सीट पर पांच कोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।
सत्तारूढ़ जोऱम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) ने गायक और प्रचारक वनलालसैलोवा को मैदान में उतारा है। जबकि एमएनएफ ने अपने उपाध्यक्ष और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री आर लालथांगलियाना को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस की ओर से राज्य उपाध्यक्ष एवं पूर्व परिवहन मंत्री जॉन रोटलुआंगलियाना मैदान में हैं। भाजपा ने लालह्मिंगथांगा को टिकट दिया है। वहीं पीपुल्स कॉन्फ्रेंस, जो पूर्व मुख्यमंत्री ब्रिगेडियर टी सायलो की पार्टी है, ने अपने उपाध्यक्ष के. जह्मिंगथांगा को उम्मीदवार बनाया है।
राज्य निर्वाचन विभाग के अनुसार, चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत सभी प्रेसीडिंग अधिकारी, सेक्टर अधिकारी, मतदान कर्मियों और सुरक्षा बलों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी गड़बड़ी या आचार संहिता उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। राज्य पुलिस के नोडल अधिकारी एवं पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय व कानून व्यवस्था) एच रामथलेंग्लियाना की देखरेख में सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।
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ममित जिले के इस आदिवासी आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र में कुल 41 मतदान केंद्र बनाए गए, जिनमें से 40 केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है। केवल जोपुई मतदान केंद्र पर नेटवर्क समस्या के कारण वेबकास्टिंग नहीं हो सकी।
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चुनाव आयोग ने बताया कि तीन मतदान केंद्रों को अति संवेदनशील घोषित किया गया था, जहां सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। कुल 20,790 मतदाता, जिनमें 10,185 महिलाएं, पांच प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान शाम 4 बजे तक हुआ।
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डंपा सीट 21 जुलाई को विपक्षी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के विधायक ललरिन्तलुआंगा सायलो के निधन के बाद रिक्त हुई थी। यह क्षेत्र बांग्लादेश की बिना बाड़ वाली सीमा और त्रिपुरा से लगती अंतरराज्यीय सीमा से सटा हुआ है, जहां चकमा और रीआंग जनजातियों की भी उल्लेखनीय आबादी है।
सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीआरपीएफ) और राज्य पुलिस के जवानों को मतदान केंद्रों और सीमावर्ती इलाकों में तैनात किया गया है। इस बार डंपा सीट पर पांच कोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।
सत्तारूढ़ जोऱम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) ने गायक और प्रचारक वनलालसैलोवा को मैदान में उतारा है। जबकि एमएनएफ ने अपने उपाध्यक्ष और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री आर लालथांगलियाना को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस की ओर से राज्य उपाध्यक्ष एवं पूर्व परिवहन मंत्री जॉन रोटलुआंगलियाना मैदान में हैं। भाजपा ने लालह्मिंगथांगा को टिकट दिया है। वहीं पीपुल्स कॉन्फ्रेंस, जो पूर्व मुख्यमंत्री ब्रिगेडियर टी सायलो की पार्टी है, ने अपने उपाध्यक्ष के. जह्मिंगथांगा को उम्मीदवार बनाया है।
राज्य निर्वाचन विभाग के अनुसार, चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत सभी प्रेसीडिंग अधिकारी, सेक्टर अधिकारी, मतदान कर्मियों और सुरक्षा बलों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी गड़बड़ी या आचार संहिता उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। राज्य पुलिस के नोडल अधिकारी एवं पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय व कानून व्यवस्था) एच रामथलेंग्लियाना की देखरेख में सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं।