फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Miracle or transgender operation achievement made ​​by daughter

चमत्कार या विज्ञान की उपलब्धि ट्रांसजेंडर को आपरेशन से बना दिया बेटी

Wed, 10 Aug 2016 04:03 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो/ अमर उजाला, आगरा Updated Wed, 10 Aug 2016 04:03 AM IST
विज्ञापन
Miracle or transgender operation achievement made by daughter
ट्रांसजेंडर - फोटो : demo pics

ताजनगरी में चमत्कार हो गया। यहां चिकित्सकों ने ट्रांसजेंडर का आपरेशन कर बिटिया का रूप दे दिया गया। छह घंटे तक चले इस बेहद जटिल आपरेशन के बाद डाक्टरों को कामयाबी मिली।

विज्ञापन


आगरा में इस चमत्कार को बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है। खास तौर पर तब, जब दिल्ली के बड़े और महंगे हास्पिटलों से निराश होकर दंपति आगरा आया था। कमला नगर के गीता मेडिकेयर सेंटर पर तीन महीने पहले पड़ोसी जिले के दंपति डेढ़ साल के बच्चे को लेकर आए थे।
विज्ञापन


बच्चा स्वस्थ था, बीमारी पूछी तो झिझकते हुए दंपति ने डाक्टरों को असलियत बताई, बच्चा ट्रांसजेंडर था। पीडियाट्रिक सर्जन डा. विक्रम अग्रवाल ने बच्चे का परीक्षण किया तो बच्चेदानी, योनि मार्ग, लिंग (अविकसित) मिला। डाक्टर ने दंपति के सामने बेटी के रूप में सफलता मिलने की बात रखी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हामी मिलते ही डाक्टर ने आपरेशन की तैयारियां शुरू कर दी। एक्सेर-अल्ट्रासाउंड, रक्त समेत तमाम जांच के बाद आपरेशन का दिन तय हुआ। सात दिन पहले डा. विक्रम और उनकी टीम ने आपरेशन कर बिटिया का रूप दिया।

अब दंपति तो खुश हैं, डाक्टरों के चेहरे पर भी विजयी मुस्कान देखते ही बन रही है। चिकित्सकों के लिए भी चुनौती डा. विक्रम बताते हैं, परीक्षण से पता चला कि बच्चे का वजाइना पांच सेमी अंदर था।

अमूमन अभी तक हुए आपरेशन में ये स्थिति 2-3 सेमी तक ही रही। अन्य वरिष्ठ सर्जनों से चर्चा की, जिसमें खतरा भी बताया। दंपति के विश्वास से हौसला मिला और नतीजा सामने है। 

सामान्य जीवन जी सकेगी बच्ची
डा. विक्रम बताते हैं कि आपरेशन के बाद बच्ची सामान्य जीवन जी सकेगी। वैवाहिक संबंध भी सामान्य रहेंगे। यहां तक कि प्राकृतिक रूप से मासिक धर्म भी होगा।


अपनों तक से छिपाकर रखा
आपरेशन के बाद दंपति ने डाक्टर को भगवान मानते हुए कोटि-कोटि आभार जताया। भावुक मां बताती हैं कि किस तरह डेढ़ साल गुजारे, पूछिए मत। मोहल्ले-पड़ोसी छोड़ो अपनों तक से छिपाकर रखा। रिश्तेदारी तक छूट गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed