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गृह मंत्रालय ने बताया, दो सालों में 286 लोगों ने त्यागी भारत की नागरिकता
Wed, 05 Feb 2020 08:16 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Wed, 05 Feb 2020 08:16 PM IST
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गृह मंत्रालय
- फोटो : ANI
नागरिकता कानून को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। वहीं, गृह मंत्रालय ने राज्यसभा में जानकारी दी कि कुल मिलाकर 286 लोगों ने साल 2016 से 2018 के बीच अपनी नागरिकता त्याग दी।
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Ministry of Home Affairs in Rajya Sabha: A total of 286 people renounced their citizenship between 2016 and 2018.. pic.twitter.com/lYCswkXP5M
— ANI (@ANI) February 5, 2020
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इससे पहले गृह मंत्रालय ने एक सवाल के जवाब में बताया कि पिछले 10 साल में 21 हजार विदेशियों को भारत की नागरिकता प्रदान की गई है। इन हजारों शरणार्थियों में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हैं।
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केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक लिखित जवाब में पिछले दस सालों का ब्यौरा दिया। सरकार ने बताया कि 2010 से 2019 तक 21408 शरणार्थियों को नागरिकता दी गई हैं। इसमें 15 हजार बांग्लादेशी नागरिकों को भी नागरिकता दी गई है।
जवाब में बताया गया है कि साल 2015 में भारत-बांग्लादेश के बीच हुए समझौते के बाद जब बांग्लादेश के 53 एन्क्लेव को भारत में शामिल किया गया था। तभी 14864 बांग्लादेशी नागरिकों को भारत की नागरिकता मिली थी। संसद में दिए गए सरकार के जवाब के मुताबिक, मोदी सरकार आने के बाद से शरणार्थियों को नागरिकता देने की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
वहीं, सीएए पर आयोजित एक कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था कि 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के 566 मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता दी गई थी। सिर्फ 2016-18 में मोदी सरकार ने 1,595 पाकिस्तानी शरणार्थियों और 391 अफगानी मुस्लिमों को नागरिकता दी है।
क्या है नागरिकता कानून
नागरिकता कानून के तहत 31 दिसंबर, 2014 या उससे पहले भारत आने वाले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के छह धर्मों के अल्पसंख्यकों को भारत की नागरिकता प्रदान की जाएगी।