{"_id":"65ace8f10918762e4b094169","slug":"ministry-of-home-affairs-think-tank-alerts-against-hijack-impersonation-scams-on-whatsapp-2024-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Home Ministry: 'विदेशी नंबर से आए कॉल तो हो जाएं सतर्क..', ऑनलाइन जालसाजों को लेकर गृह मंत्रालय का अलर्ट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Home Ministry: 'विदेशी नंबर से आए कॉल तो हो जाएं सतर्क..', ऑनलाइन जालसाजों को लेकर गृह मंत्रालय का अलर्ट
Sun, 21 Jan 2024 03:24 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Sun, 21 Jan 2024 03:24 PM IST
सार
ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरडी) ने सात तरह की ऐसी धोखाधड़ी की पहचान की है। जिसमें मिस्ड कॉल, वीडियो कॉल, नौकरी की पेशकश और निवेश योजनाओं के नाम पर धोखाधड़ी, अपहरण और स्क्रीन शेयर शामिल हैं।
विज्ञापन
गृह मंत्रालय
- फोटो : फाइल
विस्तार
सोशल मीडिया मैसेजिंग प्लेफॉर्म व्हाट्सएप पर होने वाले कई घोटालों के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले पुलिस थिंक टैंक ने सलाह और चेतावनी जारी की है। ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरडी) ने सात तरह की ऐसी धोखाधड़ी की पहचान की है। जिसमें मिस्ड कॉल, वीडियो कॉल, नौकरी की पेशकश और निवेश योजनाओं के नाम पर धोखाधड़ी, अपहरण और स्क्रीन शेयर शामिल हैं।
विदेशी नंबर के जरिए करते हैं कॉल, फिर बनाते हैं शिकार
आठ पेज की एडवाइजरी में कहा गया कि हाइजैकिंग घोटाले के हिस्से के रूप में घोटालेबाज पीड़ित के व्हाट्सएप खाते तक अनधिकृत पहुंच बनाते हैं और उनसे संपर्क कर पैसे की डिमांड करते हैं। यहां तक कि कुछ लोगों को अज्ञात नंबरों से व्हाट्सअप वीडियो कॉल भी आते हैं, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर धमकाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही ब्लैकमेल के बदले पैसे मांगते हैं। बीपीआरडी गृह मंत्रालय के तहत पुलिसिंग विषयों पर एक थिंक टैंक है।
फर्जी आईडी बनाकर कर रहे जालसाज हमला
गौरतलब है कि प्रौद्योगिकी प्रमुख मेटा के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म द्वारा लाए गए सुरक्षा सुविधाओं के बारे में जनता को विज्ञापन देने के लिए हाल ही में कई संदेश अभियान शुरू किए हैं। बीपीआरडी ने कहा कि ज्यादातर वियतनाम, केन्या, इथियोपिया और मलेशिया से संबंधित देश कोड से शुरू होने वाले नंबरों से किए गए मिस्ड कॉल के जरिए हैकर्स उपयोगकर्ताओं को ढूंढने के लिए 'कोड स्क्रिप्टेड बॉट' का उपयोग करते हैं और फिर उन्हें विभिन्न साइबर खतरों के लिए लक्षित करते हैं। खास बात है कि घोटाले बाज एक फ्रॉड कॉल करके सीईओ या वरिष्ठ अधिकारी होने का दावा करते हैं, जिसके कारण पीड़ित व्यक्ति झांसे में आकर वित्तीय लेन-देन में फंस जाता है। जालसाज अपने सोशल मीडिया हैंडल पर सर्फिंग करके उन व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करते हैं और उनके नाम की एक प्रोफाइल बनाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विदेशी नंबर के जरिए करते हैं कॉल, फिर बनाते हैं शिकार
आठ पेज की एडवाइजरी में कहा गया कि हाइजैकिंग घोटाले के हिस्से के रूप में घोटालेबाज पीड़ित के व्हाट्सएप खाते तक अनधिकृत पहुंच बनाते हैं और उनसे संपर्क कर पैसे की डिमांड करते हैं। यहां तक कि कुछ लोगों को अज्ञात नंबरों से व्हाट्सअप वीडियो कॉल भी आते हैं, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर धमकाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही ब्लैकमेल के बदले पैसे मांगते हैं। बीपीआरडी गृह मंत्रालय के तहत पुलिसिंग विषयों पर एक थिंक टैंक है।
विज्ञापन
फर्जी आईडी बनाकर कर रहे जालसाज हमला
गौरतलब है कि प्रौद्योगिकी प्रमुख मेटा के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म द्वारा लाए गए सुरक्षा सुविधाओं के बारे में जनता को विज्ञापन देने के लिए हाल ही में कई संदेश अभियान शुरू किए हैं। बीपीआरडी ने कहा कि ज्यादातर वियतनाम, केन्या, इथियोपिया और मलेशिया से संबंधित देश कोड से शुरू होने वाले नंबरों से किए गए मिस्ड कॉल के जरिए हैकर्स उपयोगकर्ताओं को ढूंढने के लिए 'कोड स्क्रिप्टेड बॉट' का उपयोग करते हैं और फिर उन्हें विभिन्न साइबर खतरों के लिए लक्षित करते हैं। खास बात है कि घोटाले बाज एक फ्रॉड कॉल करके सीईओ या वरिष्ठ अधिकारी होने का दावा करते हैं, जिसके कारण पीड़ित व्यक्ति झांसे में आकर वित्तीय लेन-देन में फंस जाता है। जालसाज अपने सोशल मीडिया हैंडल पर सर्फिंग करके उन व्यक्तिगत जानकारी प्राप्त करते हैं और उनके नाम की एक प्रोफाइल बनाते हैं।
विज्ञापन