एनआईए करेगी केरल में सोना तस्करी मामले की जांच, गृह मंत्रालय ने दी अनुमति
केरल में तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से संबंधित सोना तस्करी के मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। गृह मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह मामला एनआईए के हवाले कर दिया। मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला इसलिए किया गया है क्योंकि इस घटना का राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।
इस फैसले से एक दिन पहले ही केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मामले में दखल देने की मांग की थी। विजयन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे पर राजनयिक सामान से करोड़ों रुपये के सोने की जब्ती की प्रभावी जांच के लिए दखल की मांग उठाई थी।
इस मामले में केरल सरकार में मंत्री ईपी जयराजन ने कहा, हम सोना तस्करी मामले में जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी को लाने के फैसले का स्वागत करते हैं। केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा किसी भी जांच का स्वागत है। जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। सच सामने आना चाहिए। केरल के मुख्यमंत्री ने भी इसी की मांग की थी।
बता दें कि तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयर कार्गो के माध्यम से आए एक राजनयिक के सामान से 30 किलोग्राम सोना जब्त किया गया था। इस मामले में सीमा शुल्क विभाग ने कहा है कि उसे संदेह है कि तस्करी के गिरोह ने राजनयिक छूट प्राप्त एक व्यक्ति के नाम का दुरुपयोग किया है। मामले में एक महिला समेत दो लोग वांछित हैं और दोनों फरार हैं।
अंतरिम जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंची स्वप्ना सुरेश
यूएई की एक पूर्व वाणिज्य अधिकारी स्वप्ना सुरेश इस मामले की मुख्य आरोपी है। बताया जा रहा है कि उसके तार संयुक्त अरब अमीरात के महावाणिज्य दूतावास से संबंधित एक राजनयिक खेप से जुड़े हुए हैं। वहीं, इसमें केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय का नाम भी सामने आ रहा है।
मामले में स्वप्ना सुरेश का नाम सामने आते ही केरल की राजनीति में भूचाल आ गया है। स्वप्ना की केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के साथ तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा है कि वे जांच के लिए तैयार हैं। यूएई वाणिज्य दूतावास में नौकरी करने के दौरान स्वप्ना ने अपनी पहचान बढ़ानी शुरू की थी।