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पाकिस्तान के एक और झूठ का पर्दाफाश, भारत ने बातचीत की खबरों को किया खारिज

Thu, 20 Jun 2019 10:08 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Thu, 20 Jun 2019 10:08 PM IST
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Ministry of External Affairs rejects claim made by pakistani media agreed to hold talks with him
नरेंद्र मोदी-इमरान खान (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

भारत ने पाकिस्तान के समक्ष एक बार फिर साफ कर दिया है कि दोनों देशों के बीच बातचीत के मसले पर उसके रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने पाकिस्तानी समकक्षों को दो टूक शब्दों में कहा है कि बातचीत से पहले पाकिस्तान विश्वास का माहौल बनाए। आतंकवाद और हिंसा के जारी रहते भारत बातचीत नहीं करेगा। गौरतलब है कि पाकिस्तानी पीएम इमरान खान और विदेश मंत्री ने पीएम मोदी और जयशंकर को शुभकामना संदेश देने के साथ बातचीत की पेशकश की थी।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि पीएम ने जवाबी संदेश में कहा है कि भारत अपने सभी देशों से सौहार्दपूर्ण और सामान्य रिश्ते चाहता है। मगर इसके लिए जरूरी है कि आतंक और हिंसा मुक्त माहौल तैयार कर विश्वासबहाली का रास्ता अपनाया जाए। गौरतलब है कि भारत ने पठानकोट एयर बेस पर आतंकी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के जारी रहते वह पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं करेगा।
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प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान को ले कर भारत के स्टैंड में कोई बदलाव नहीं आया है। पाकिस्तान के पीएम के पत्र का पीएम मोदी की ओर से दिया गया जवाब महज शिष्टाचार का एक हिस्सा है। भारत कई बार दुहरा चुका है कि बातचीत से पहले पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी। जब तक भारत पाकिस्तान द्वारा आतंक के खिलाफ कार्रवाई के प्रति आश्वस्त नहीं हो जाता, तब तक बातचीत का कोई सवाल ही नहीं है।
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पाकिस्तान का झूठ 

दरअसल, किस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह भारत के खिलाफ झूठ फैलाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ता है। हाल ही में पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया कि भारत उसके साथ बातचीत के लिए तैयार है। जिसका गुरुवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने खंडन किया है। इसे लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बयान जारी किया है। 

रवीश कुमार ने कहा, 'राजनयिक रणनीति (डिप्लोमैटिक प्रैक्टिस) के अनुसार प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय ने अपने समकक्ष पाकिस्तान के बधाई संदेशों का जवाब दिया है। अपने संदेश में उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि भारत पाकिस्तान सहित अपने सभी पड़ोसियों से सामान्य और सहयोगी संबंध चाहता है।'

कुमार ने आगे कहा, 'अपने संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि बातचीत के लिए आतंकवाद, हिंसा और शत्रुता से मुक्त विश्वास का वातावरण बनाया जाना महत्वपूर्ण है। वहीं विदेश मंत्रालय ने आतंक और हिंसा की छाया से मुक्त वातावरण' की आवश्यकता पर भी जोर दिया।'
 


मंत्रालय को यह बयान इसलिए देना पड़ा क्योंकि पाकिस्तानी मीडिया ने राजनयिक सूत्रों के हवाले से कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बधाई संदेशों के जवाब में पाकिस्तान के साथ बातचीत करने की इच्छा जाहिर की है। जिसे रवीश कुमार ने सिरे से खारिज कर दिया।

बता दें कि पुलवामा हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते काफी तल्ख हैं। भारत लगातार कह रहा है कि बातचीत शुरू करने के लिए पड़ोसी देश को आतंकवाद मुक्त वातावरण मुहैया करवाना पड़ेगा।
 

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ 25 से 27 जून तक भारत के दौरे पर

लोकसभा चुनाव के बाद किसी भी देश की ओर से पहले उच्च स्तरीय दौरे के तहत अमेरिकी विदेश मंत्री माइकल पोम्पिओ 25 से 27 जून तक भारत का दौरा करेंगे। इस दौरान वह रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने को लेकर भारतीय नेतृत्व से बातचीत करेंगे। उनका यह दौरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच 28-29 जून को जापान के ओसाका में जी20 शिखर वार्ता से इतर होने वाले वाली मुलाकात से पहले हो रहा है। 

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान पोम्पिओ विदेश मंत्री एस जयशंकर तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात करेंगे। कुमार ने कहा कि हम इस दौरे को दोनों पक्षों के लिए रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने और परस्पर हित वाले मामलों पर उच्च स्तरीय बातचीत जारी रखने के महत्त्वपूर्ण अवसर के तौर पर देख रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि चुनावों के बाद भारत और अमेरिका के बीच पहली उच्च स्तरीय वार्ता होगी। साथ ही किसी देश से पहला उच्च स्तरीय दौरा है। हम इसे सभी मुद्दों पर चर्चा करने के अवसर के तौर पर देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय ढांचे के तहत आने वाले ज्यादातर मुद्दों पर चर्चा होगी और कुछ बातचीत क्षेत्रीय एवं परस्पर हित के वैश्विक मुद्दों पर भी होगी। 

कुमार ने एच-1 बी कार्य वीजा को सीमित करने के अमेरिका के विचार को लेकर आ रही खबरों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि हमें अमेरिकी सरकार की ओर से कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। हम इस मामले पर अपनी बात दोहरा रहे हैं और अमेरिकी सरकार से बातचीत कर रहे हैं। 

 
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