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आर्थिक संकट से जूझ रहा पाकिस्तान लगातार बढ़ा रहा है अपने परमाणु हथियार: रिपोर्ट
Tue, 16 Jul 2019 10:19 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 16 Jul 2019 10:19 AM IST
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इमरान खान (फाइल फोटो)
- फोटो : Instagram
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पाकिस्तान बेशक आर्थिक संकट से जूझ रहा है लेकिन वह लगातार सशस्त्र बलों खासतौर से अपने परमाणु और मिसाइल क्षमताओं का विस्तार कर रहा है। इसके अलावा वह सीमापार आतंकवाद के जरिए भारत को निशाना बना रहा है। यह कहना है भारतीय रक्षा मंत्रालय की एक रिपोर्ट का।
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मंत्रालय की सालाना रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल अगस्त में इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने के बाद से पाकिस्तानी सेना विदेशी सुरक्षा और रक्षा नीतियों को चलाने वाली संस्था के रूप में अपनी स्थिति को और समेकित कर रहा है। मंत्रालय का कहना है कि पाकिस्तान तेजी से अपने परमाणु और मिसाइल हथियारों में इजाफा कर रहा है।
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अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन के अनुसार पाक के पास अब 140-150 परमाणु युद्धक हैं। वहीं भारत के पास 130-140 हथियार हैं। परमाणु वैज्ञानिकों के बुलेटिन के अनुसार यदि यही तेजी कायम रहती है तो यूरेनियम संवर्धन और प्लूटोनियम उत्पादन सुविधाओं के विस्तार से पाकिस्तान का परमाणु भंडार 2025 तक बढ़कर 220-250 तक हो जाएगा।
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चीन और उत्तरी कोरिया से मिली मदद के जरिए पाकिस्तान अपने परमाणु और मिसाइल जखीरे में प्रगति कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सामूहिक विनाश के हथियारों और उनकी वितरण प्रणालियों के प्रसार को लेकर वैश्विक चिंताएं हैं क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
सामूहिक विनाश के हथियार तब और भी शक्तिशाली खतरा बन जाते हैं जब अपने दुर्भावनापूर्ण उद्देश्यों के लिए इनकी पहुंच आतंकवादियों तक होती है। मंत्रालय की रिपोर्ट में भारत विरोधी गतिविधियों में पाकिस्तानी सेना की संलिप्तता को लेकर कहा गया है कि वह उन जिहादी और अतंरराष्ट्रीय संगठनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने से बचता रहा है जो पड़ोसी देशों को अपना निशाना बनाते हैं।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है, 'इस तरह के आतंकी संगठन की लगातार सहायता की जा रही है। इस तरह के संगठनों को पूरे जम्मू और कश्मीर और अन्य क्षेत्रों में सीमा पार से नियंत्रण रेखा और बड़े पैमाने पर गोलीबारी की आड़ में भारत में घुसपैठ करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। हालांकि इस साल जम्मू-कश्मीर में होने वाली घुसपैठ में 43 प्रतिशत की कमी आई है।'
घुसपैठ और युद्ध विराम उल्लंघन में आर्टिलरी और भारी हथियारों में आई कमी के लिए मंत्रालय ने पाकिस्तान के नरम पड़े तेवर को नहीं बल्कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर सफलतपूर्वक की गई एयर स्ट्राइक को जिम्मेदार बताया है। बता दें कि 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना के मिराज लड़ाकू विमान ने जैश के बालाकोट स्थित ठिकानों को नेस्तानाबूत कर दिया था जो सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले का जिम्मेदार था।