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FTA: भारत-ईयू एफटीए के जल्द पूरा होने से होगा बड़ा बदलाव, दिल्ली में बैठक के बाद बोले विदेश मंत्री
Wed, 29 Oct 2025 09:22 PM IST
लव गौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: लव गौर
Updated Wed, 29 Oct 2025 09:22 PM IST
सार
EU Trade Delegation: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार (29 अक्तूबर) को दिल्ली में यूरोपीय संघ के व्यापार प्रतिनिधिमंडल अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समिति (आईएनटीए) के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। जहां इस बात पर चर्चा हुई कि भारत और यूरोपीय संघ कैसे और आगे बढ़ सकते हैं और सहयोग को गहरा कर सकते हैं।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर
- फोटो : X-@DrSJaishankar
विस्तार
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूरोपीय संघ के व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात की है। यह मीटिंग राजधानी दिल्ली में हुई है। इस बैठक में भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर खास चर्चा हुई है।
विदेश मंत्री ने दी बैठक की जानकारी
विदेश मंत्री ने अपने पोस्ट में बैठक की तस्वीर साझा करते हुए बताया कि दिल्ली में यूरोपीय संसद की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समिति (आईएनटीए) के प्रतिनिधिमंडल से मिलकर प्रसन्नता हुई। उन्होंने बैठक के बारे में बताते हुए लिखा,"इस बात पर चर्चा हुई कि भारत और यूरोपीय संघ कैसे अभिसरण को अधिकतम कर सकते हैं और सहयोग को गहरा कर सकते हैं। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता आ सकती है और लोकतांत्रिक ताकतें मजबूत हो सकती हैं।"
उन्होंने कहा बताया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का शीघ्र समापन इन उद्देश्यों में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। दरअसल, सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने के लिए भारत आया है।
यूरोपीय संघ के राजदूत का बयान
विदेश मंत्री एस जयशंकर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब दोनों पक्ष इस विशाल व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत हर्वे डेल्फिन ने बुधवार को कहा कि वार्ता में "काफी प्रगति" हुई है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, "यूरोपीय संघ और भारत निरंतर बातचीत कर रहे हैं और साल के अंत तक किसी समझौते पर पहुंचने का लक्ष्य है।"
अब तक 14वें दौर की वार्ता का समापन
बता दें कि सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने दिसंबर तक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी। यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जिसका वित्तीय वर्ष 2023-24 में द्विपक्षीय वस्तु व्यापार 135 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इस मुक्त व्यापार समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। भारत और यूरोपीय संघ ने 10 अक्टूबर को ब्रुसेल्स में मुक्त व्यापार समझौते (एटीए) पर वार्ता के 14वें दौर का समापन किया।
वार्ता के बाद यूरोपीय संघ ने कहा कि वार्ता आर्थिक रूप से सार्थक बाजार पहुंच पैकेज को मजबूत करने पर केंद्रित थी। दोनों पक्ष पहले ही 11 अध्यायों पर वार्ता पूरी कर चुके हैं, जिनमें सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, विवाद निपटान, डिजिटल व्यापार, सतत खाद्य प्रणाली, लघु एवं मध्यम आकार के उद्यम, प्रतिस्पर्धा और सब्सिडी तथा पूंजी संचलन शामिल हैं।
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विदेश मंत्री ने दी बैठक की जानकारी
विदेश मंत्री ने अपने पोस्ट में बैठक की तस्वीर साझा करते हुए बताया कि दिल्ली में यूरोपीय संसद की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार समिति (आईएनटीए) के प्रतिनिधिमंडल से मिलकर प्रसन्नता हुई। उन्होंने बैठक के बारे में बताते हुए लिखा,"इस बात पर चर्चा हुई कि भारत और यूरोपीय संघ कैसे अभिसरण को अधिकतम कर सकते हैं और सहयोग को गहरा कर सकते हैं। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्थिरता आ सकती है और लोकतांत्रिक ताकतें मजबूत हो सकती हैं।"
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Pleased to meet delegation of European Parliament’s Committee on International Trade #INTA today in Delhi.
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Discussed how India & the European Union can maximize convergences and deepen cooperation. This can stabilize the global economy and strengthen democratic forces. The… pic.twitter.com/5P55MFNAVh— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) October 29, 2025
उन्होंने कहा बताया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का शीघ्र समापन इन उद्देश्यों में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। दरअसल, सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने के लिए भारत आया है।
यूरोपीय संघ के राजदूत का बयान
विदेश मंत्री एस जयशंकर की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब दोनों पक्ष इस विशाल व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत हर्वे डेल्फिन ने बुधवार को कहा कि वार्ता में "काफी प्रगति" हुई है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, "यूरोपीय संघ और भारत निरंतर बातचीत कर रहे हैं और साल के अंत तक किसी समझौते पर पहुंचने का लक्ष्य है।"
अब तक 14वें दौर की वार्ता का समापन
बता दें कि सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने दिसंबर तक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी। यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जिसका वित्तीय वर्ष 2023-24 में द्विपक्षीय वस्तु व्यापार 135 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। इस मुक्त व्यापार समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। भारत और यूरोपीय संघ ने 10 अक्टूबर को ब्रुसेल्स में मुक्त व्यापार समझौते (एटीए) पर वार्ता के 14वें दौर का समापन किया।
वार्ता के बाद यूरोपीय संघ ने कहा कि वार्ता आर्थिक रूप से सार्थक बाजार पहुंच पैकेज को मजबूत करने पर केंद्रित थी। दोनों पक्ष पहले ही 11 अध्यायों पर वार्ता पूरी कर चुके हैं, जिनमें सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, विवाद निपटान, डिजिटल व्यापार, सतत खाद्य प्रणाली, लघु एवं मध्यम आकार के उद्यम, प्रतिस्पर्धा और सब्सिडी तथा पूंजी संचलन शामिल हैं।