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Assam Rifles: असम राइफल्स ने जवानों के लिए आहार में शामिल किया बाजरा; कम कर रहे चावल और गेहूं का इस्तेमाल

Sun, 03 Sep 2023 10:10 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलॉन्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलॉन्ग Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 03 Sep 2023 10:10 PM IST
सार

Assam: असम राइफल्स के जवान धीरे-धीरे अपने आहार से चावल और गेहूं को कम कर रहे हैं और इसकी जगह उच्च फाइबर वाले बाजरा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

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Millets added in diet of Assam Rifles jawans
बाजरा और पालक की रोटी - फोटो : pixabay

विस्तार

असम राइफल्स के जवान धीरे-धीरे अपने आहार से चावल और गेहूं को कम कर रहे हैं और इसकी जगह उच्च फाइबर वाले बाजरा का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि उनका संपूर्ण स्वास्थ्य बढ़ सके। अर्धसैनिक बल के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल पीसी नायर ने रविवार को यह जानकारी दी। 

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अर्धसैनिक बल के महानिदेशक नायर ने बताया कि असम राइफल्स ने अपने राशन में दस फीसदी बाजरा शामिल किया है। उन्होंने कहा,'चावल के स्थान पर हम जौहर, बाजरा और रागी दे रहे हैं और गेहूं के स्थान पर हम उन्हें दलिया दे रहे हैं।'

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लेफ्टिनेंट जनरल पीसी नायर ने कहा कि जब भारत अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष मना रहा है, असम राइफल्स ने भी भारतीयों के इस 'अक्सर उपेक्षित' मुख्य भोजन को अपनाया है। उनके मुताबिक, 'हम अपने जवानों को चपातियां और खिचड़ी दे रहे हैं। इसके अलावा, हमने विभिन्न चीजों की एक रेसिपी बनाई है जिसे बाजरा से बनाया जा सकता है और हमने इसे अपनी बटालियनों में वितरित किया है।'

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स्वास्थ्य लाभों के बारे में नायर ने कहा, 'पहले हमारे सैनिकों को चावल और गेहूं दिया जाता था, जिसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत अधिक होती थी और फाइबर की मात्रा कम होती थी। चूंकि हमारे सैनिक 60 साल की उम्र तक सेवा करते हैं, इसलिए बाजरा उन्हें फिट रखने के लिए बहुत उपयोगी हो सकता है।'

लेफ्टिनेंट जनरल नायर ने कहा कि सैनिकों से नए आहार पर शुरुआती प्रतिक्रिया बहुत अच्छी रही है, बल बाजरा वितरण को 25 फीसदी तक बढ़ाने पर विचार कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि जवानों को टिन दूध या पाउडर दूध के बजाय जहां भी संभव हो वहां गाय का ताजा दूध परोसा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बल में 40-45 साल से अधिक उम्र के सैनिकों को कम तेल, घी आदि वाले आहार के साथ परोसा जा रहा है। 

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