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Mikhail Gorbachev: सीपीआईएम का विवादास्पद ट्वीट- गोर्बाचेव को बताया समाजवाद का गद्दार और USSR का विध्वंसक
Fri, 02 Sep 2022 01:44 AM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 02 Sep 2022 01:44 AM IST
सार
राष्ट्रपति पद से हटने के बाद गोर्बाचेव को दुनियाभर में कई अवार्ड्स और सम्मान मिले। उन्हें 1990 में नोबेल शांति पुरस्कार भी मिला था। उन्हें शीत युद्ध समाप्त करने का श्रेय भी जाता है।
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Mikhail Gorbachev
- फोटो : social media
विस्तार
सोवियत संघ के पूर्व राष्ट्रपति और शीत युद्ध को समाप्त करने वाले मिखाइल गोर्बाचेव का मंगलवार को निधन हो गया, वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने 92 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। उनकी मौत की जानकारी देते हुए सीपीआई (एम) पुडुचेरी ने विवादित ट्वीट किया है। पार्टी ने गोर्बाचेव को सोवियत रूस का विनाशक और समाजवाद का गद्दार करार दिया है। पार्टी की ओर से ट्वीट किया गया- समाजवाद के गद्दार और यूएसएसआर के विध्वंसक मिखाइल गोर्बाचेव का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया।
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Mikhail Gorbachev, a traitor to socialism and the destroyer of the USSR, died at the age of 92. pic.twitter.com/LCBvdpvCCl
— CPI(M) Puducherry ☭ (@pycpim) August 31, 2022
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बता दें कि रूसी समाचार एजेंसी स्पुतनिक ने सेंट्रल क्लिनिकल अस्पताल के एक बयान के हवाले से कहा था कि लंबी बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। मिखाइल गोर्बाचेव यूनाइटेड यूनियन ऑफ सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक (USSR) के अंतिम नेता थे। वह एक युवा और ओजस्वी सोवियत नेता थे, जो नागरिकों को स्वतंत्रता देकर लोकतांत्रिक सिद्धांतों की तर्ज पर कम्युनिस्ट शासन में सुधार करना चाहते थे। 1989 में जब साम्यवादी पूर्वी यूरोप के सोवियत संघ में लोकतंत्र समर्थक विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए थे, तो भी गोर्बाचेव ने बल प्रयोग करने से परहेज किया था।
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गोर्बाचेव को 1990 में मिला था नोबेल शांति पुरस्कार
गोर्बाचेव ने सरकारी तंत्र पर पार्टी के नियंत्रण को कम करने के लिए आमूल-चूल सुधारों की शुरुआत की थी। विशेष रूप से उनके शासन के दौरान हजारों राजनीतिक कैदियों और उनके असंतुष्टों को रिहा कर दिया गया था। उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण समझौते की सफलता के लिए जाना जाता है। राष्ट्रपति पद से हटने के बाद गोर्बाचेव को दुनियाभर में कई अवार्ड्स और सम्मान मिले। उन्हें 1990 में नोबेल शांति पुरस्कार भी मिला था। शीत युद्ध को समाप्त करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी, इसलिए उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
गोर्बाचेव के सत्ता के पांच साल उपलब्धियों से भरे थे
द न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, गोर्बाचेव के सत्ता में पहले पांच साल महत्वपूर्ण उपलब्धियों से भरे थे। उन्होंने अमेरिका के साथ एक हथियार समझौते की अध्यक्षता की जिसने पहली बार परमाणु हथियारों के एक पूरे वर्ग को समाप्त कर दिया था और पूर्वी यूरोप से अधिकांश सोवियत सामरिक परमाणु हथियारों की वापसी शुरू कर दी थी। अमेरिकी मीडिया आउटलेट के अनुसार, उन्होंने अफगानिस्तान से सोवियत सेना को वापस बुला लिया था। उनके द्वारा ऐसा करना एक मौन स्वीकृति थी कि अफगानिस्तान पर 1979 में आक्रमण और नौ साल का कब्जा विफल रहा था।