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Microsoft: माइक्रोसॉफ्ट ने निलंबित कीं तेल कंपनी नायरा की सेवाएं, कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर किया मुकदम

Mon, 28 Jul 2025 07:35 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Mon, 28 Jul 2025 07:35 PM IST
सार

माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन ने यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के बाद रूस की पेट्रोलियम कंपनी रोसनेफ्ट समर्थित नायरा एनर्जी को सेवाएं देना बंद कर दिया है।

 

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Microsoft suspends services to Nayara, Indian refinery to sue tech giant in Delhi High Court
नायरा एनर्जी - फोटो : Nayara energy

विस्तार

माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन ने यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के बाद रूसी तेल कंपनी रोसनेफ्ट समर्थित नायरा एनर्जी को सेवाएं देना बंद कर दिया है। जिसके बाद भारतीय रिफाइनरी ने दिल्ली हाईकोर्ट में इस तकनीकी दिग्गज के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।

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कंपनी ने अपने बयान में कहा, माइक्रोसॉफ्ट द्वारा अत्यावश्यक सेवाओं को अचानक और एकतरफा रूप से निलंबित किए जाने के बाद नायरा एनर्जी ने कानूनी कार्यवाही शुरू की है। माइक्रोसॉफ्ट इस समय कंपनी को स्वयं के डेटा, टूल्स और उत्पादों तक पहुंच को रोक रहा है, जबकि ये सभी पूरी तरह से भुगतान की गई लाइसेंस शर्तों के तहत प्राप्त किए गए हैं।
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इस महीने की शुरुआत में यूरोपीय संघ ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर नायरा एनर्जी पर प्रतिबंध लगाए थे। नायरा एनर्जी लिमिटेड (पूर्व में एस्सार ऑयल) में रूसी कंपनी रोसनेफ्ट की 49.13% हिस्सेदारी है। कंपनी गुजरात के वडिनार में 2 करोड़ टन प्रति वर्ष की क्षमता वाली रिफाइनरी और 6,750 से अधिक पेट्रोल पंप संचालित करती है। केसानी एंटरप्राइजेज कंपनी नायरा में 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी रखती है। जिसमें रूस की यूनाइटेड कैपिटल पार्टनर्स और मारेतेरा ग्रुप होल्डिंग की हिस्सेदारी है।

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नायरा ने कहा, ‘माइक्रोसॉफ्ट का यह फैसला यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रतिबंधों की एकतरफा व्याख्या पर आधारित है, और कॉरपोरेट अतिक्रमण के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करता है। भारत के ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र पर इसके प्रभावों को लेकर गंभीर चिंताएं भी पैदा होती हैं।

कंपनी ने कहा कि उसने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर अपने अधिकारों की रक्षा और आवश्यक डिजिटल बुनियादी ढांचे तक लगातार पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अंतरिम राहत देने और सेवाएं फिर से शुरू करने की मांग की है। कंपनी ने आगे कहा, 'इन कदमों का उद्देश्य भारतीय उपभोक्ताओं और हितधारकों के प्रति अपने दायित्वों को पूरा करने की नायरा की क्षमता में किसी भी संभावित व्यवधान को रोकना है।'

कंपनी ने आगे कहा कि हालांकि ये प्रतिबंध विशेष रूप से यूरोपीय संघ की ओर से हैं, लेकिन अमेरिका स्थित कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने नायरा एनर्जी से सेवाएं वापस लेने का फैसला किया है, जबकि ऐसा करने के लिए अमेरिकी या भारतीय कानून के तहत कोई बाध्यता नहीं है।

कंपनी ने कहा कि यह कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपालन की आड़ में एकतरफा रूप से की गई है। बयान में कहा गया, ‘नयारा एनर्जी के सामने मौजूद इन बाहरी चुनौतियों के बावजूद, हम भारत की ऊर्जा मांगों को निर्बाध रूप से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

 

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