फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Microsoft Report China may spread false videos through AI preparation to influence elections

Report: चुनावों पर असर डालने की तैयारी में चीन, AI के माध्यम से सोशल मीडिया पर फैला सकता है झूठे वीडियो

Sat, 06 Apr 2024 05:03 AM IST
यशोधन शर्मा अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: यशोधन शर्मा Updated Sat, 06 Apr 2024 05:03 AM IST
सार

दिग्गज टेक कंपनी ने सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका व दक्षिण कोरिया के चुनावों को भी इसी तरह प्रभावित करने का अनुमान जाहिर किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन इस तरह के मीम्स, वीडियो, ऑडियो को लेकर लगातार प्रयोग कर रहा है।

विज्ञापन
Microsoft Report China may spread false videos through AI preparation to influence elections
एआई टेक्नोलॉजी

विस्तार

अमेरिका की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने दावा किया है कि चीन आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) की मदद से भारत के लोकसभा चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है। माइक्रोसॉफ्ट की जोखिम अनुमान लगाने वाली टीम की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
विज्ञापन


रिपोर्ट के अनुसार, चीन के साइबर हमलावर, उत्तर कोरिया के हमलावरों संग मिलकर यह नापाक हरकत कर सकते हैं। ये एआई की मदद से सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो, ऑडियो, मीम्स या अन्य सामग्री प्रसारित कर सकते हैं, जिससे जनमत प्रभावित हो। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है वर्तमान में आम लोगों पर ऐसी सामग्री का प्रभाव न्यूनतम देखा गया है।
विज्ञापन


दिग्गज टेक कंपनी ने सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका व दक्षिण कोरिया के चुनावों को भी इसी तरह प्रभावित करने का अनुमान जाहिर किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन इस तरह के मीम्स, वीडियो, ऑडियो को लेकर लगातार प्रयोग कर रहा है। चुनावों के दौरान भविष्य में यह शक्तिशाली हथियार बन सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसे प्रभावित हो सकते हैं लोग
रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव में खड़े प्रत्याशियों के बारे में भ्रामक जानकारियां फैलाने के लिए चीन एआई की मदद से देश के दिग्गज टीवी एंकरों की आवाज में वीडियो तैयार कर सकता है। चूंकि, लोग इन एंकरों पर भरोसा करते हैं, इसलिए बिना यह जाने कि वीडियो एआई की मदद से तैयार फर्जी सामग्री है, वे इसपर विश्वास कर सकते हैं। ऐसा हुआ तो चुनाव में उम्मीदवारों को बराबरी का मौका नहीं मिलेगा।


ताइवान के चुनाव में भी दिया था दखल
माइक्रोसॉफ्ट का दावा है कि ताइवान में हुए चुनावों में चीन ने इसी तकनीक से दुष्प्रचार चलाने की कोशिश की थी। किसी दूसरे देश में उच्च प्रौद्योगिकी से चुनाव प्रभावित करने की यह अपनी तरह की पहली कोशिश थी। चीन के समर्थन वाला साइबर हमलावर समूह स्टॉर्म 1376 ताइवान चुनावों के दौरान सक्रिय था। वह यूट्यूब पर नकली सामग्री पोस्ट कर रहा था और विजेता उम्मीदवार के बारे में एआई-निर्मित मीम्स बना रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed